दैनिक भोजन में चीनी ही नहीं नमक – तेल भी हो कम

नई दिल्ली, 29 मई : अगर आपको स्वस्थ रहना है तो खाने में चीनी, नमक और तेल की मात्रा कम ही रखें। इसके साथ ही अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड जैसे सॉफ्ट ड्रिंक्स, कुकीज, पेस्ट्री आदि का सेवन कम से कम करें यह भी सेहत के लिए नुकसानदायक हैं। खाने की यह सभी चीजें आपको बीपी, हाइपरटेंशन और दिल की बीमारियां दे रही हैं।

दरअसल, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) और राष्ट्रीय पोषण संस्थान (एनआईएन) की ओर से जारी डायटरी गाइड लाइन्स फॉर इंडियन के संशोधित संस्करण में शुगर, नमक, तेल और अल्ट्रा प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों से होने वाले खतरे के बारे में बताया गया है। जिनका नियमित सेवन गैर संचारी बीमारियों की वजह बन सकता है। गाइड लाइन में पांच ग्राम नमक और 25 ग्राम चीनी के नियमित सेवन को भी अधिक माना गया है।

भारतीय लोगों के खाने पीने से संबंधित गाइडलाइन की अगर मानें तो देश का हर दूसरा व्यक्ति चीनी, नमक और तेल का जरूरत से ज्यादा सेवन कर रहा है जो उसे भविष्य में बीमार बहुत बीमार कर सकता है। चीनी, नमक, तेल से तैयार संरक्षित डिब्बा बंद खाने और कोल्ड ड्रिंक के सेवन करने के भी कम खतरे नहीं है। इसमें एचएफएसएस फूड यानी हाई फैट शुगर और नमक खाने से बचने की सलाह दी गई है। एचएफएसएस फूड में उन चीजों को शामिल किया गया है जिन्हें अधिक तेल या डीप फ्राई करके बनाया जाता है। विश्व स्वाय स्वास्थ्य संगठन के अनुसार खाने की कुल एनर्जी में फैट या वसा की मात्रा 30 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। प्राकृतिक रूप से खाने की सभी चीजों में 15 प्रतिशत तेल मौजूद रहता है, जिसके कई तरह के स्वास्थ्यवर्धक लाभ होते हैं। ऐसे खाने को पकाने के दौरान सिर्फ 15 प्रतिशत वसा या तेल इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इससे अधिक नहीं।

इसके अलावा खाने में दस ग्राम से ज्यादा सैचुरेटेड फैट को मानक से अधिक माना गया है। इसीलिए फ्रेंज फ्राइज, समोसा, कचौरी,पूरी, बिस्कुट, कुकीज, केक, परांठा और करी को सेहत के लिए सही नहीं माना गया है। गाइडलाइन में नियमित पांच ग्राम से अधिक नमक जिसमें दो ग्राम सोडियम हो, उसे भी अधिक माना बताया गया है। पैकेट बंद चिप्स, सॉस, स्नैक्स नमकीन आदि में तय मानक से कहीं अधिक नमक होने के चलते इस्तेमाल न करने की सलाह दी गई है। इसी तरह दिनभर में यदि दो हजार कैलोरी ली जा रही हैं तो उसमें 25 ग्राम कैलोरी ही चीनी की होनी चाहिए, इससे अधिक चीनी नुकसानदायक साबित हो सकती है। वहीं, एडेड शुगर (सिरप या तरल पेय के रूप में खाने में अतिरिक्त रूप से मिलाई जाने वाली शुगर) को खाने से बिल्कुल हटाने की बात कही गई है। जबकि ऊर्जा के लिए खाने के द्वारा ली जाने वाली कैलोरी को तब ही सही माना गया है जब उसमें विटामिन, मिनरल और फाइबर पर्याप्त मात्रा में हो ना कि चीनी, नमक और तेल की अतिरिक्त मात्रा हो।

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