Fake Currency Racket: ग्रेटर नोएडा में 1.84 लाख रुपये की जाली करेंसी के साथ चार गिरफ्तार, तीन गुना रकम का देते थे झांसा
ग्रेटर नोएडा की नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने जाली नोटों का कारोबार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 200-200 रुपये के 920 जाली नोट बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत 1.84 लाख रुपये है। इसके अलावा अपराध से संबंधित 1,000 रुपये का असली नोट और बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिजायर कार भी बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी आम लोगों को तीन गुना रकम देने का लालच देकर जाली नोटों के बदले असली रुपये हासिल करते थे।
डीसीपी ग्रेटर नोएडा श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि नॉलेज पार्क पुलिस ने चारों आरोपियों को ग्राम कोंडली पुस्ता के पास गढ़ी समस्तीपुर जाने वाले पक्के रास्ते के मोड़ से गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अर्जुन सिंह (22), निवासी ग्राम ग्वाडिया, कोतवाली नगर, सुल्तानपुर; शशांक गुप्ता (19), निवासी हैदरगंज, अयोध्या; शांतनु सिंह (19), निवासी हरिहरपुर कमलपुर, सीतापुर; और वैभव शुक्ला (19), निवासी टंडौली, महाराजगंज, अयोध्या के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर गिरोह की गतिविधियों और जाली नोटों के नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस पूछताछ के अनुसार, इस गिरोह की साजिश वर्ष 2024 में शुरू हुई थी। पुलिस का दावा है कि अर्जुन सिंह उस समय अयोध्या जेल में कुबेर सिंह नाम के व्यक्ति के साथ बंद था। जेल में दोनों की मुलाकात हुई और इसी दौरान जाली नोट तैयार कर उन्हें असली बताकर इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई। इसके बाद अर्जुन ने अपने अन्य साथियों को इस गतिविधि में शामिल किया और कथित तौर पर गिरोह ने जाली नोटों के जरिए लोगों से ठगी करना शुरू कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, कुबेर, अर्जुन, शशांक और शांतनु मिलकर जाली नोट तैयार करते थे। इसके बाद अर्जुन अपने साथियों के साथ आम लोगों को तीन गुना रुपये देने का लालच देता था। आरोपियों की कथित योजना के तहत लोगों को अधिक रकम मिलने का भरोसा दिलाकर उनसे असली रुपये लिए जाते थे और बदले में जाली नोट दिए जाते थे। इस तरह हासिल की गई रकम को आरोपी आपस में बांट लेते थे। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी इसी तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाते थे। 16 अक्टूबर को भी चारों आरोपी इसी उद्देश्य से गौतमबुद्धनगर पहुंचे थे। पुलिस को गिरोह की गतिविधियों के बारे में सूचना मिली, जिसके बाद टीम ने ग्राम कोंडली पुस्ता के पास संदिग्धों की तलाश शुरू की। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिजायर कार में जा रहे चारों आरोपियों को पकड़ लिया गया।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों और कार से 200 रुपये के 920 जाली नोट बरामद किए। इन नोटों का कुल मूल्य 1,84,000 रुपये बताया गया है। इसके अलावा अपराध से संबंधित 1,000 रुपये का असली नोट भी मिला। पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिजायर कार को कब्जे में ले लिया है। बरामदगी के बाद पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि जाली नोट कहां तैयार किए जाते थे और गिरोह अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, जाली नोट तैयार करने के ठिकानों और नकली करेंसी को खपाने के तरीकों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों ने किन-किन क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दिया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


