Delhi Traffic Police: रामलीला भी चलेगी, दिल्ली भी चलती रहेगी; ट्रैफिक पुलिस ने रामलीला समितियों के साथ बनाई यातायात व्यवस्था की रणनीति
रिपोर्ट: रवि डालमिया
नई दिल्ली में रामलीला और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ राजधानी की यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने तैयारी तेज कर दी है। इसी उद्देश्य से ट्रैफिक पुलिस के जोन-1 की ओर से गुरुवार को सिविल लाइंस स्थित दिल्ली पुलिस गजेटेड ऑफिसर्स (GOs) मेस में विभिन्न रामलीला समितियों के पदाधिकारियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि रामलीला का आयोजन पूरे उत्साह और भव्यता के साथ होगा, लेकिन दिल्ली की रफ्तार भी नहीं रुकनी चाहिए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) विजेंता गोयल आर्या, डीसीपी ईस्टर्न रेंज श्वेता सिंह चौहान, डीसीपी सेंट्रल रेंज के. रमेश, एसीपी, ट्रैफिक निरीक्षक और विभिन्न रामलीला समितियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने आयोजन स्थलों के आसपास यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) विजेंता गोयल आर्या ने कहा कि रामलीला जैसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। साथ ही, आम नागरिकों की आवाजाही भी बाधित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आयोजकों और ट्रैफिक पुलिस को पहले से मिलकर योजना तैयार करनी होगी, ताकि आयोजन के दौरान अचानक पैदा होने वाली यातायात समस्याओं से बचा जा सके।
बैठक में रामलीला स्थलों के आसपास वाहनों की पार्किंग को व्यवस्थित करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि बेतरतीब और अवैध पार्किंग से सड़कों पर जाम की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए निर्धारित पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल सुनिश्चित करने और सड़क किनारे अनधिकृत रूप से वाहन खड़े करने पर रोक लगाने की आवश्यकता बताई गई।
रामलीला स्थलों तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों और आसपास की सड़कों पर यातायात का दबाव कम रखने के उपायों पर भी विचार किया गया। जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने और वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित करने की व्यवस्था पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि यातायात संबंधी बदलावों की योजना इस तरह बनाई जानी चाहिए कि श्रद्धालुओं को आयोजन स्थल तक पहुंचने में सुविधा हो और दूसरी ओर नियमित यातायात भी प्रभावित न हो।
पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी बैठक में विशेष चर्चा हुई। रामलीला के दौरान बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ आयोजन स्थलों पर पहुंचते हैं, इसलिए प्रवेश और निकास मार्गों पर भीड़ को नियंत्रित करना जरूरी है। ट्रैफिक पुलिस ने समितियों से पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवक तैनात करने और भीड़ वाले स्थानों पर पुलिसकर्मियों के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा।
अधिकारियों ने एंबुलेंस, दमकल विभाग और अन्य आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ते खुले रखने पर भी जोर दिया। किसी दुर्घटना, आग लगने या स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में राहत और बचाव दल को बिना देरी के मौके तक पहुंचने का रास्ता मिलना चाहिए। इसके लिए आयोजन स्थलों के आसपास की सड़कों पर अनावश्यक अवरोध नहीं होने देने और आपातकालीन मार्गों को खाली रखने की आवश्यकता बताई गई।

ट्रैफिक पुलिस ने रामलीला समितियों से अपील की कि वे आयोजन स्थल के आसपास सड़क किनारे अनधिकृत पार्किंग, अस्थायी दुकानों और अन्य अवरोधों को रोकने में सहयोग करें। आयोजकों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि श्रद्धालुओं के वाहनों को निर्धारित स्थानों पर ही खड़ा कराया जाए और सड़क पर यातायात बाधित करने वाली गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जाए।
बैठक में पुलिस अधिकारियों, ट्रैफिक निरीक्षकों और रामलीला समितियों के प्रतिनिधियों के बीच सीधा संपर्क बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। इसका उद्देश्य यह है कि आयोजन के दौरान किसी भी स्थान पर जाम, भीड़ या पार्किंग की समस्या सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचना मिले और समय रहते समाधान किया जा सके।
दिल्ली में रामलीला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक परंपरा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर साल इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक शामिल होते हैं। ऐसे में बेहतर यातायात प्रबंधन, सुरक्षित पैदल आवाजाही और प्रशासन तथा आयोजकों के बीच समन्वय बेहद जरूरी हो जाता है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यही रहा कि धार्मिक आयोजनों की भव्यता और लोगों की आस्था के साथ-साथ आम नागरिकों की दैनिक आवाजाही भी सुचारु बनी रहे। पुलिस और रामलीला समितियों के संयुक्त प्रयासों से जाम और अव्यवस्था को कम करने की तैयारी की जा रही है। बैठक का संदेश साफ था—रामलीला भी चलेगी और दिल्ली भी चलती रहेगी।


