Anand Vihar Police: आनंद विहार में महिला के घर से 43 मोबाइल बरामद, चोरी के फोन बंगाल भेजने का शक
दिल्ली के शाहदरा जिले में आनंद विहार थाना पुलिस की ओर से मोबाइल चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया है। बरामद मोबाइल में वह फोन भी शामिल है, जिसकी चोरी की शिकायत के आधार पर पुलिस की ओर से जांच शुरू की थी। पुलिस की ओर से महिला के घर से अलग-अलग कंपनियों और मॉडल के 43 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस इसके बाद सभी मोबाइल फोन के असली मालिकों की पहचान करने और इनके अन्य चोरी के मामलों से संबंधों की पड़ताल कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, 8 अक्टूबर 2026 को आनंद विहार थाने में मोबाइल फोन चोरी के संबंध में ई-एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले की पड़ताल के दौरान पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी हुआ मोबाइल आनंद विहार स्थित जेजे कैंप में रहने वाली रेशमा नाम की महिला के पास है। सूचना में यह भी बताया गया कि महिला के घर पर अन्य चोरी के मोबाइल फोन भी हो सकते हैं।
सूचना की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ पदाधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया और एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस के अनुसार, उस समय रेशमा अपने बच्चों के साथ घर पर मौजूद थी। टीम ने बताए गए पते पर पहुंचकर जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान उसने मोबाइल फोन रखने से इनकार किया, लेकिन प्राप्त सूचना और परिस्थितियों के आधार पर पुलिस की ओर से कानून के मुताबिक घर की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान पुलिस को अलग-अलग कंपनियों और मॉडल के 43 मोबाइल फोन मिले। जांच के दौरान शिकायत में चोरी हुआ मोबाइल फोन भी बरामद मोबाइलों में शामिल पाया गया। पुलिस के मुताबिक, महिला बरामद फोन के स्वामित्व से जुड़े हुए बिल या अन्य दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकी। इसके पश्चात पुलिस की ओर से सभी मोबाइल फोन को अपने कब्जे में लेकर उनकी पड़ताल शुरू कर दी।
पुलिस की ओर से गिरफ्तार महिला की पहचान 27 वर्षीय रेशमा, पत्नी मोहम्मद तौफीक, निवासी जेजे कैंप, आनंद विहार, दिल्ली के तौर पर की है। आरोप है कि आनंद विहार बस अड्डे और रेलवे स्टेशन के आसपास मोबाइल फोन चोरी किए जाते थे। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान रेशमा ने अपने पति मोहम्मद तौफीक, भाई असलम और कुछ अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर मोबाइल चोरी की वारदातों में कथित संलिप्तता की विवरण साझा किया। इसके बावजूद, इस प्रकरण में अन्य लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के पश्चात ही हो सकेगी।
पुलिस की पड़ताल में यह आशंका भी सामने आई है कि चोरी किए गए मोबाइल फोन को अलग-अलग माध्यमों से पश्चिम बंगाल भेजा जाता था। इसके उद्देश्य से कथित तौर पर बसों, ट्रेनों और अन्य लोगों की मदद ली जाती थी। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि चोरी के मोबाइल फोन को आगे किसे बेचा जाता था और इस नेटवर्क में कितने लोग मौजूद हैं।
बरामद मोबाइल फोन के असली मालिकों की पहचान करने के उद्देश्य से तकनीकी पड़ताल की जा रही है। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी सीडीआर के विश्लेषण के माध्यम से मोबाइल फोन के इस्तेमाल, संभावित संपर्कों और अन्य चोरी के मामलों से उनके संबंधों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। आरोपी महिला के मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है, ताकि कथित सहयोगियों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
इस अभियान को आनंद विहार थाना पुलिस की विशेष टीम ने अंजाम दिया। अभियान का नेतृत्व आनंद विहार थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने किया। टीम में महिला उपनिरीक्षक रीना रानी, महिला उपनिरीक्षक स्नेह, महिला कांस्टेबल निशा और कांस्टेबल रोहित भाटी शामिल रहे। पूरी कार्रवाई एसीपी विवेक विहार पवन कुमार की निगरानी और शाहदरा जिले के पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा के पर्यवेक्षण में की गई।
वर्तमान में पुलिस सभी 43 मोबाइल फोन के स्रोत और स्वामित्व का सत्यापन कर रही है। साथ ही, संदिग्ध सहयोगियों और कथित आपूर्ति नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की पड़ताल लगातार चल रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


