IndiGo Flight Lightning: 17 हजार फीट की ऊंचाई पर इंडिगो विमान पर गिरी आकाशीय बिजली, नोज क्षतिग्रस्त; 104 यात्री सुरक्षित, लखनऊ में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग
पटना से लखनऊ आ रही इंडिगो की एक फ्लाइट बुधवार को खराब मौसम के बीच अचानक आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई। घटना उस समय हुई जब विमान करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। बिजली की तेज चमक और टक्कर के बाद विमान के अगले हिस्से यानी नोज को नुकसान पहुंचा। स्थिति को देखते हुए पायलट ने विमान को लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सुरक्षित उतारा। राहत की बात यह रही कि विमान में सवार सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित रहे और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
जानकारी के मुताबिक इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E 925 पटना से लखनऊ के लिए रवाना हुई थी। विमान में कुल 104 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान मौसम खराब था और इसी बीच करीब 17,000 फीट की ऊंचाई पर विमान आकाशीय बिजली की चपेट में आ गया। बिजली गिरने से विमान के आगे के हिस्से को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद पायलट और क्रू ने स्थिति को संभालते हुए विमान को लखनऊ की ओर लाया।
लखनऊ एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। लैंडिंग के बाद सभी 104 यात्रियों को विमान से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। एयरपोर्ट पर तकनीकी टीम ने विमान की जांच शुरू कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बिजली गिरने से विमान को कितना नुकसान हुआ है और उसे दोबारा उड़ान के लिए कब तक तैयार किया जा सकता है।
घटना के बाद विमान को आगे की उड़ान के लिए रोक दिया गया। यह विमान लखनऊ पहुंचने के बाद आगे अहमदाबाद जाने वाला था। विमान की तकनीकी जांच के चलते अहमदाबाद जाने वाले यात्रियों के लिए दूसरे विमान की व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई है, ताकि यात्रियों को उनकी आगे की यात्रा में ज्यादा परेशानी न हो।
आकाशीय बिजली का विमान से टकराना बेहद डरावना अनुभव हो सकता है, लेकिन आधुनिक यात्री विमान इस तरह की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डिजाइन किए जाते हैं। विमान में बिजली गिरने की स्थिति में पायलट तुरंत विमान की स्थिति और महत्वपूर्ण प्रणालियों की निगरानी करते हैं। इस मामले में भी पायलट ने स्थिति को नियंत्रित किया और विमान को सुरक्षित तरीके से लखनऊ एयरपोर्ट तक पहुंचाया।
इस घटना ने एक बार फिर खराब मौसम के दौरान विमान संचालन में आने वाली चुनौतियों को सामने ला दिया है। बारिश, तेज हवाओं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली के बीच पायलटों को लगातार मौसम की स्थिति पर नजर रखनी पड़ती है। खासतौर पर लैंडिंग और टेकऑफ के दौरान मौसम में अचानक बदलाव विमान संचालन को प्रभावित कर सकता है।
फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि विमान को नुकसान पहुंचने के बावजूद किसी यात्री या क्रू सदस्य को चोट नहीं आई। एयरपोर्ट और तकनीकी अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विमान को कितना नुकसान हुआ और उसकी मरम्मत में कितना समय लगेगा। शुरुआती जानकारी के मुताबिक विमान की नोज पर नुकसान हुआ है और इसी वजह से उसे तकनीकी निरीक्षण के लिए रोक दिया गया है।
घटना के समय विमान में मौजूद यात्रियों के लिए यह पल निश्चित तौर पर काफी डरावना रहा होगा। हालांकि पायलट की सूझबूझ और विमान की सुरक्षा प्रणालियों की वजह से स्थिति को नियंत्रित किया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित जमीन पर उतार लिया गया।


