Footpath Encroachment: नोएडा में फुटपाथों से हटेगा अतिक्रमण, प्राधिकरण जल्द शुरू करेगा अभियान
नोएडा। शहर के फुटपाथों पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए नोएडा प्राधिकरण जल्द बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू करने की तैयारी कर रहा है। उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद प्राधिकरण ने फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त करने की योजना बनानी शुरू कर दी है। इसके लिए सभी वर्क सर्किल को दिशा-निर्देश जारी कर अपने-अपने क्षेत्र में कार्ययोजना तैयार करने और फुटपाथों को खाली कराने के लिए कहा गया है।
उच्चतम न्यायालय ने पिछले दिनों आम लोगों के सुरक्षित आवागमन के लिए फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद नोएडा प्राधिकरण ने शहर में फुटपाथों की मौजूदा स्थिति का आकलन शुरू कर दिया है। प्राधिकरण के सभी वर्क सर्किल से उनके क्षेत्र में अतिक्रमण वाले फुटपाथों की जानकारी और रिपोर्ट भी मांगी गई है।
नोएडा के कई प्रमुख सेक्टरों और सड़कों पर फुटपाथ अतिक्रमण की चपेट में हैं। कहीं रेहड़ी-पटरी लगाकर फुटपाथों पर कब्जा किया गया है तो कई स्थानों पर दुकानदारों और शोरूम संचालकों द्वारा सामान रखकर पैदल चलने की जगह को घेर लिया गया है। इसके चलते लोगों को फुटपाथ छोड़कर सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे हादसों का खतरा भी बना रहता है।
शहर में सबसे अधिक समस्या मास्टर प्लान रोड नंबर-1 पर बताई जा रही है। सेक्टर-3 स्थित रजनीगंधा अंडरपास से सेक्टर-12 और सेक्टर-22 होते हुए सेक्टर-57 तक जाने वाले मार्ग पर कई जगह फुटपाथों पर अतिक्रमण है। सेक्टर-8, 9, 10, 12 और 22 में भी फुटपाथों पर बड़ी संख्या में कब्जे देखने को मिलते हैं।
इसी तरह मास्टर प्लान रोड नंबर-3 पर सेक्टर-51 होशियारपुर के सामने भी फुटपाथ पर अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है। शहर के अन्य हिस्सों में भी कई स्थानों पर फुटपाथ आम लोगों के चलने के लिए पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं।
प्राधिकरण अब वर्क सर्किल स्तर पर ऐसे स्थानों को चिह्नित कर कार्रवाई की योजना तैयार करेगा। अतिक्रमण हटाने के दौरान रेहड़ी-पटरी और अन्य अस्थायी कब्जों के साथ दुकानों एवं शोरूम के बाहर फुटपाथ पर किए गए कब्जों पर भी कार्रवाई किए जाने की तैयारी है।
नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ वंदना त्रिपाठी ने बताया कि फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जल्द शुरू की जाएगी और उच्चतम न्यायालय के आदेश का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं।
प्राधिकरण केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं रहेगा। जिन स्थानों पर फुटपाथ क्षतिग्रस्त हैं या पैदल चलने योग्य स्थिति में नहीं हैं, उन्हें भी बेहतर बनाया जाएगा। ऐसे फुटपाथों की पहचान के लिए सभी वर्क सर्किल से रिपोर्ट मांगी गई है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर में पैदल चलने वाले लोगों को सुरक्षित और बाधारहित फुटपाथ उपलब्ध कराना है। अतिक्रमण हटने के बाद फुटपाथों को दोबारा कब्जे से बचाने के लिए निगरानी व्यवस्था पर भी जोर दिए जाने की संभावना है।


