WCEF 2026: WCEF-2026 के प्री-इवेंट में ई-वेस्ट सर्कुलरिटी और EPR पर वेबिनार आयोजित

WCEF 2026: WCEF-2026 के प्री-इवेंट में ई-वेस्ट सर्कुलरिटी और EPR पर वेबिनार आयोजित

नोएडा। आगामी World Circular Economy Forum (WCEF)-2026 के आयोजन की तैयारियों के तहत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने अमिटी यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश (AUUP), नोएडा में ई-वेस्ट सर्कुलरिटी और Extended Producer Responsibility (EPR) पर ऑनलाइन वेबिनार आयोजित किया। “Closing the Loop on Electronics: Advancing E-Waste Circularity through EPR and Innovation” विषय पर आयोजित यह कार्यक्रम Mission LiFE के “Reduce E-Waste” थीम पर केंद्रित रहा।

वेबिनार का मुख्य उद्देश्य ई-वेस्ट के वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल प्रबंधन को बढ़ावा देना, EPR के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा करना तथा ई-वेस्ट के पुनर्चक्रण और संसाधनों के पुन: उपयोग के माध्यम से सर्कुलर इकोनॉमी को मजबूत करना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नोएडा के क्षेत्रीय अधिकारी रितेश तिवारी के स्वागत संबोधन से हुई। वेबिनार में अमिटी यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पर्यावरण, ई-वेस्ट प्रबंधन और सर्कुलर इकोनॉमी के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया।

इस दौरान CPCB दिल्ली के पूर्व निदेशक आनंद कुमार, CSIR-NEERI के Centre for Industrial Ecology and Circular Economy के वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. सुनील कुमार, EXL नोएडा के Vice President–Global Head (Facilities & Infrastructure) आशु कालरा और TATA Power DDL की AGM-Sustainability रंजना गुप्ता ने ई-वेस्ट प्रबंधन, EPR, नवाचार, संसाधन दक्षता और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।

विशेषज्ञों ने कहा कि ई-वेस्ट की बढ़ती मात्रा को केवल पर्यावरणीय चुनौती के रूप में देखने के बजाय इसमें मौजूद उपयोगी संसाधनों की रिकवरी के अवसर के रूप में भी देखा जाना चाहिए। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ई-वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से संग्रह, प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण जरूरी है।

वक्ताओं ने उत्पादकों, उपभोक्ताओं, रीसाइक्लर्स और अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ई-वेस्ट को कम करने के साथ-साथ पुराने इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देकर संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है।

वेबिनार में “Closing the Loop” की अवधारणा को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के जीवनचक्र के अलग-अलग चरणों में संसाधनों के अधिकतम उपयोग और अपशिष्ट को न्यूनतम करने की दिशा में काम करने की जरूरत बताई गई।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। आयोजकों के अनुसार, यह वेबिनार WCEF-2026 के व्यापक उद्देश्यों के तहत सर्कुलर इकोनॉमी, सतत संसाधन प्रबंधन और ई-वेस्ट के जिम्मेदार प्रबंधन को लेकर जागरूकता बढ़ाने तथा विशेषज्ञों के बीच ज्ञान साझा करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा।

 

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