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Power Supply: बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर की खामियों पर एनपीसीएल का एक्शन, ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पांच सोसाइटियों को नोटिस

Power Supply: बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर की खामियों पर एनपीसीएल का एक्शन, ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पांच सोसाइटियों को नोटिस

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई आवासीय सोसाइटियों में बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतों के बीच नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (एनपीसीएल) ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कंपनी ने बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर में खामियां मिलने पर पांच प्रमुख सोसाइटियों को नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों के भीतर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए हैं।

एनपीसीएल के अनुसार गर्मियों के दौरान कई सोसाइटियों में ट्रिपिंग और फॉल्ट की घटनाएं बढ़ जाती हैं। जांच में सामने आया कि कई मामलों में बिजली आपूर्ति बाधित होने का कारण कंपनी का नेटवर्क नहीं, बल्कि संबंधित सोसाइटियों का आंतरिक बिजली ढांचा था। इसके बावजूद कई सोसाइटी प्रबंधन बिजली कटौती के लिए एनपीसीएल को जिम्मेदार ठहरा रहे थे।

कंपनी ने निराला ग्रीनशायर, अजनारा होम्स, श्री राधा स्काई गार्डन, पंचशील ग्रींस वन और जेएम फ्लोरेंस सोसाइटी को नोटिस जारी किया है। इन सभी सोसाइटियों को 15 दिनों के भीतर अपने बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत, परीक्षण और रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

एनपीसीएल के प्रवक्ता मनोज कुमार झा ने बताया कि हाल ही में निराला ग्रीनशायर सोसाइटी में ट्रांसफॉर्मर खराब होने के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जबकि एनपीसीएल की ओर से आपूर्ति सामान्य थी। इसी प्रकार जेएम फ्लोरेंस सोसाइटी में बिजली उपकरणों के रखरखाव में लापरवाही और इंसुलेशन खराब होने से लगातार ट्रिपिंग की समस्या सामने आई।

कंपनी ने यह भी बताया कि आम्रपाली सेंचुरियन पार्क सोसाइटी में आंतरिक बिजली पैनल में अत्यधिक नमी के कारण तकनीकी दिक्कतें मिली हैं। इस सोसाइटी को भी जल्द नोटिस जारी किया जाएगा। वहीं पिछले सप्ताह राधा स्काई गार्डन, अजनारा होम्स और पंचशील ग्रींस वन में इंटरनल एचटी स्विचगियर में खराबी के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिसका असर आसपास की सोसाइटियों पर भी पड़ा।

एनपीसीएल ने सभी संबंधित सोसाइटियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने एचटी स्विचगियर, ट्रांसफॉर्मर और अन्य बिजली उपकरणों की तत्काल जांच, परीक्षण और नियमित रखरखाव सुनिश्चित करें। कंपनी का कहना है कि समय पर सुधार नहीं किए जाने पर भविष्य में नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।

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