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CCTV Project: ग्रेटर नोएडा में सितंबर से शुरू हो सकता है कैमरे लगाने का काम, 350 जगहों पर लगेंगे 2700 कैमरे

CCTV Project: ग्रेटर नोएडा में सितंबर से शुरू हो सकता है कैमरे लगाने का काम, 350 जगहों पर लगेंगे 2700 कैमरे

नोएडा। ग्रेटर नोएडा में सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को आधुनिक बनाने के लिए प्रस्तावित कैमरा परियोजना में अब तेजी आने की उम्मीद है। सेफ सिटी और आधुनिक यातायात प्रबंधन परियोजना के तहत शहर के प्रमुख स्थानों पर बड़े पैमाने पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। प्राधिकरण ने परियोजना का बजट बढ़ाने के बाद नए सिरे से निविदा जारी की है।

प्राधिकरण के मुताबिक कंपनी का चयन होने के बाद इस साल जमीन पर कैमरे लगाने का काम शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना का बजट पहले 227.60 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर अब 257.71 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

अधिकारियों के अनुसार इच्छुक कंपनियां 25 अगस्त तक निविदा प्रक्रिया में आवेदन कर सकती हैं। तकनीकी और वित्तीय आधार पर कंपनी का चयन किया जाएगा। चयनित कंपनी को करीब 15 महीने यानी सवा साल में परियोजना का काम पूरा करना होगा। इसके बाद पांच वर्षों तक कैमरों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी उसी कंपनी की होगी।

परियोजना के तहत ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट क्षेत्र में करीब 350 स्थानों पर 2700 कैमरे लगाए जाने हैं। इसके लिए यातायात पुलिस की मदद से पहले ही स्थानों को चिह्नित किया जा चुका है।

कैमरा परियोजना तैयार करने से पहले प्राधिकरण की टीम ने हैदराबाद, पुडुचेरी, दिल्ली और गुरुग्राम का दौरा कर वहां लागू सुरक्षा और यातायात प्रबंधन मॉडल का अध्ययन किया है। अधिकारियों का कहना है कि दूसरे शहरों के अनुभव के आधार पर ग्रेटर नोएडा के लिए आधुनिक और प्रभावी सिस्टम तैयार किया जाएगा।

पहले निविदा प्रक्रिया में नहीं हो पाया था चयन

इस परियोजना के लिए पहले भी निविदा प्रक्रिया शुरू की गई थी। उस समय कैमरे लगाने के लिए आगे आई तीन प्रमुख कंपनियों की ओर से लगाई गई बोली निर्धारित 227.60 करोड़ रुपये के बजट से अधिक थी। इसके चलते कंपनी का चयन नहीं हो सका।

अब प्राधिकरण ने परियोजना का बजट बढ़ाकर 257.71 करोड़ रुपये कर दिया है और नए सिरे से कंपनी चयन की प्रक्रिया शुरू की गई है। अधिकारियों के मुताबिक चार से पांच कंपनियों ने इस परियोजना में रुचि दिखाई है। कंपनी का चयन करीब डेढ़ से दो महीने में किए जाने की उम्मीद है।

प्रमुख चौराहों और बाजारों में लगेंगे कैमरे

परियोजना के तहत परी चौक, एलजी चौक, अमृतपुरम, जगत फार्म, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के चार मूर्ति और गौर चौक समेत प्रमुख गोलचक्करों पर कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा शहर के बाजारों, सेक्टरों, एक्सप्रेसवे, प्रवेश द्वारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों को भी कैमरा नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार कैमरों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। पूरे सिस्टम की निगरानी के लिए प्राधिकरण कार्यालय में अत्याधुनिक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। शहर में अलग-अलग स्थानों पर आरडब्ल्यूए और उद्यमी संगठनों की ओर से पहले से लगाए गए कैमरों को भी इस कंट्रोल रूम से जोड़ने की योजना है।

इससे एक ही स्थान से शहर के अलग-अलग हिस्सों की निगरानी करने में मदद मिलेगी। यातायात व्यवस्था पर नजर रखने के साथ अपराध नियंत्रण और किसी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई में भी यह सिस्टम उपयोगी हो सकता है।

ड्रोन और मोबाइल कंट्रोल रूम भी परियोजना का हिस्सा

अधिकारियों के अनुसार परियोजना में एक ड्रोन कैमरा भी शामिल किया गया है। भविष्य में ड्रोन की संख्या बढ़ाकर 10 तक की जा सकती है। इस संबंध में पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक भी हो चुकी है।

इसके अलावा एक मोबाइल वैन भी उपलब्ध होगी, जिसमें छोटा कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। वीवीआईपी कार्यक्रम, किसान आंदोलन, धरना-प्रदर्शन या किसी अन्य अप्रिय घटना के दौरान इस मोबाइल कंट्रोल रूम को मौके पर तैनात किया जा सकेगा। इससे घटनास्थल से ही सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की निगरानी में मदद मिलेगी।

ग्रेटर नोएडा के सीईओ रवि कुमार एनजी ने कहा कि शहर में सीसीटीवी कैमरे लगने से यातायात प्रबंधन और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी। प्राधिकरण कार्यालय में स्थापित किए जाने वाले अत्याधुनिक कंट्रोल रूम से शहर की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि परियोजना का बजट बढ़ाया गया है और कंपनी का चयन कर जल्द काम शुरू कराया जाएगा।

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