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BRICS Women Empowerment: ब्रिक्स में महिला सशक्तिकरण पर ऐतिहासिक सहमति, भारत की दो डिजिटल पहल को मिली मंजूरी

BRICS Women Empowerment: ब्रिक्स में महिला सशक्तिकरण पर ऐतिहासिक सहमति, भारत की दो डिजिटल पहल को मिली मंजूरी

नई दिल्ली/कोच्चि, 9 जुलाई: भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में कोच्चि में आयोजित ब्रिक्स महिला मंत्रिस्तरीय बैठक ने महिला सशक्तिकरण के वैश्विक एजेंडे को नई दिशा देते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। चार दिनों तक चली इस उच्चस्तरीय बैठक का सबसे बड़ा परिणाम यह रहा कि पहली बार ब्रिक्स महिला ट्रैक के तहत संयुक्त घोषणा-पत्र (जॉइंट स्टेटमेंट) को सर्वसम्मति से अपनाया गया। इस ऐतिहासिक निर्णय के साथ ब्रिक्स देशों ने महिला-नेतृत्व वाले विकास, लैंगिक समानता और आपसी सहयोग को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक में भारत की ओर से केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने सदस्य देशों का नेतृत्व करते हुए कहा कि भौगोलिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधताओं के बावजूद सभी ब्रिक्स देशों की महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियां काफी हद तक समान हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों का प्रभावी समाधान केवल आपसी सहयोग, अनुभवों के आदान-प्रदान और साझा प्रयासों से ही संभव है।

बैठक के दौरान भारत की दो महत्वपूर्ण डिजिटल पहल ‘ब्रिक्स डिजिटल रिपॉजिटरी ऑफ बेस्ट प्रैक्टिसेज’ और ‘ब्रिक्स डिजिटल कैपेसिटी बिल्डिंग गाइडलाइंस’ को भी सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। इन पहलों का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच महिलाओं से जुड़ी सफल नीतियों, नवाचारों, योजनाओं और अनुभवों को साझा करना तथा क्षमता निर्माण के लिए एक प्रभावी डिजिटल मंच तैयार करना है। इससे विभिन्न देशों में लागू सफल मॉडलों का लाभ अन्य सदस्य देशों को भी मिल सकेगा।

चार दिवसीय बैठक में महिला उद्यमिता, डिजिटल समावेशन, वित्तीय सशक्तिकरण, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से महिलाओं की सुरक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास जैसे कई अहम विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल संसाधनों का उपयोग महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

बैठक में यह भी सहमति बनी कि ब्रिक्स देशों के बीच ज्ञान साझा करने, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कौशल विकास और अनुसंधान सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। इससे सदस्य देशों की महिलाएं नई तकनीकों, बेहतर नीतियों और वैश्विक अवसरों का अधिक लाभ उठा सकेंगी। इसके अलावा महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि पहली बार संयुक्त घोषणा-पत्र का अपनाया जाना ब्रिक्स सहयोग के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सदस्य देशों के बीच सहयोग को नई मजबूती मिलेगी और भविष्य में कई साझा कार्यक्रमों एवं नीतिगत पहलों का मार्ग भी प्रशस्त होगा। भारत की डिजिटल पहलों को मिली मंजूरी को भी महिला विकास के क्षेत्र में एक बड़ी कूटनीतिक और नीतिगत सफलता माना जा रहा है।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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