Online Fraud: शेयरिंग कैब में बैठे युवक से बदमाशों ने 1.56 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए, मोबाइल लूटकर फरार

Online Fraud: शेयरिंग कैब में बैठे युवक से बदमाशों ने 1.56 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए, मोबाइल लूटकर फरार
नोएडा, 10 जुलाई: नोएडा में शेयरिंग कैब से घर लौट रहे एक युवक के साथ लूट और ऑनलाइन ठगी की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। तीन बदमाशों ने युवक को बातों में उलझाकर उसका मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया और धमकाकर उसके बैंक खाते से 1.56 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। विरोध करने पर आरोपियों ने युवक के साथ मारपीट की और उसका मोबाइल लेकर फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर थाना सेक्टर-113 पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार पीड़ित नीलेश सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के बोझी गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में वह नोएडा के सर्फाबाद गांव में किराये पर रहते हैं और एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 20 जून को वह काम खत्म होने के बाद घर जाने के लिए ऑनलाइन शेयरिंग कैब बुक करने पहुंचे थे।
नीलेश सिंह के मुताबिक, सेक्टर-72 स्थित स्मृति पार्क के पास कैब का इंतजार करते समय एक कार वहां पहुंची, जिसमें पहले से तीन युवक सवार थे। बातचीत के दौरान आरोपियों ने उन्हें झांसे में लेकर उनका मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद तीनों ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया और मोबाइल के जरिए उनके बैंक खाते से 1.56 लाख रुपये अपने खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए।
जब पीड़ित ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और मोबाइल फोन लेकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद किसी तरह पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया और पूरी जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद थाना सेक्टर-113 पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से जुड़े बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि शेयरिंग कैब या अनजान लोगों के साथ यात्रा करते समय सतर्क रहें। किसी भी व्यक्ति को अपना मोबाइल, बैंकिंग जानकारी या ओटीपी साझा न करें। यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस और साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।





