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Greater Noida Authority: निर्माणाधीन साइटों पर सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही, बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टिव टेप गायब

Greater Noida Authority: निर्माणाधीन साइटों पर सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही, बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टिव टेप गायब

ग्रेटर नोएडा में निर्माणाधीन परियोजनाओं पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी एक बार फिर सामने आई है। कई स्थानों पर न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही रिफ्लेक्टिव टेप लगाए गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। हाल ही में सेक्टर अल्फा-1 में पेयजल पाइपलाइन की मरम्मत के लिए खोदे गए गड्ढे में कार गिरने की घटना के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।

130 मीटर चौड़ी सड़क पर साकीपुर गांव के पास रेलवे ओवरब्रिज के समीप जल निकासी नाले का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। यहां निर्माण स्थल पर सुरक्षा के नाम पर केवल कुछ पत्थर रखे गए हैं, जबकि खुले सरिए और गहरे गड्ढे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं।

जैतपुर-वैशपुर गांव, एसकेए सोसाइटी के पास और अन्य निर्माणाधीन क्षेत्रों में भी बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टिव टेप और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का अभाव देखने को मिला। रात के समय इन स्थानों पर दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।

उल्लेखनीय है कि जनवरी में सेक्टर-150 में पानी से भरे गड्ढे में गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद प्राधिकरण ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए थे। उस समय 50 से अधिक दुर्घटना संभावित स्थानों पर बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टिव टेप लगाए गए थे, लेकिन कुछ महीनों बाद फिर लापरवाही सामने आने लगी है।

इसके अलावा ग्रेटर नोएडा के कई प्रमुख मार्गों पर खुले नालों की समस्या भी बनी हुई है, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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