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Clinical Establishments Act: जन विश्वास सुधारों से अस्पतालों और क्लीनिकों पर घटेगा अनुपालन बोझ

Clinical Establishments Act: जन विश्वास सुधारों से अस्पतालों और क्लीनिकों पर घटेगा अनुपालन बोझ

नई दिल्ली, 25 जून : केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में नियामक प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यवसाय-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट्स (पंजीकरण एवं विनियमन) अधिनियम, 2010 में कई अहम बदलाव लागू किए गए हैं। इन संशोधनों का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों पर अनावश्यक कानूनी दबाव को कम करना और स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देना है।

नए प्रावधानों के तहत अब मामूली प्रक्रियागत चूकों या तकनीकी उल्लंघनों के मामलों में आपराधिक कार्रवाई करने के बजाय प्रशासनिक दंड लगाने की व्यवस्था की गई है। सरकार का मानना है कि इससे अस्पतालों, नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटर और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को छोटी-छोटी प्रक्रियागत त्रुटियों के कारण आपराधिक मुकदमों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

संशोधित नियमों में कंपनियों और संस्थानों द्वारा किए गए उल्लंघनों के लिए चरणबद्ध दंड प्रणाली लागू की गई है। दंड की राशि और कार्रवाई उल्लंघन की प्रकृति तथा गंभीरता के आधार पर तय की जाएगी। इसके साथ ही संस्थानों को अपना पक्ष रखने का अवसर देने, दंड वसूली की प्रक्रिया को स्पष्ट करने और अपील का अधिकार सुनिश्चित करने जैसे प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।

सरकार का कहना है कि जन विश्वास सुधारों का उद्देश्य दंडात्मक व्यवस्था की बजाय भरोसे और जवाबदेही पर आधारित नियामक ढांचा विकसित करना है। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश और संचालन संबंधी प्रक्रियाएं आसान होंगी तथा स्वास्थ्य संस्थानों का अधिक समय और संसाधन मरीजों की सेवाओं को बेहतर बनाने में लगाया जा सकेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, इन बदलावों से स्वास्थ्य क्षेत्र में अनावश्यक मुकदमेबाजी और प्रशासनिक जटिलताओं में कमी आएगी। साथ ही नियामक संस्थाओं और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। हालांकि मरीजों की सुरक्षा, सेवा गुणवत्ता और मानकों के पालन को लेकर मौजूदा निगरानी व्यवस्था जारी रहेगी।

केंद्र सरकार का मानना है कि यह सुधार स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने के साथ-साथ नियामक व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

 

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