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Greater Noida Flyover: छह साल का इंतजार खत्म, 130 मीटर रोड का फ्लाईओवर खुला, वाहन चालकों को राहत

Greater Noida Flyover: छह साल का इंतजार खत्म, 130 मीटर रोड का फ्लाईओवर खुला, वाहन चालकों को राहत

ग्रेटर नोएडा वेस्ट और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाली 130 मीटर रोड पर छह साल से इंतजार कर रहे वाहन चालकों को आखिरकार राहत मिल गई है। मंगलवार को इस मार्ग पर बने फ्लाईओवर को आम लोगों के लिए खोल दिया गया। फ्लाईओवर शुरू होने के बाद अब वाहन चालकों को बारिश में जलभराव और खराब सड़क के कारण लगने वाले जाम से काफी राहत मिलेगी।

इससे पहले वाहन 130 मीटर रोड पर बने अंडरपास से होकर गुजरते थे। बारिश के दौरान अंडरपास में पानी भर जाने और सड़क खराब होने के कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बन जाती थी। अब फ्लाईओवर शुरू होने से यातायात व्यवस्था पहले के मुकाबले बेहतर हो जाएगी।

यह फ्लाईओवर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) के वेस्टर्न कॉरिडोर पर बनाया गया है। यह कॉरिडोर मुंबई से ग्रेटर नोएडा के दादरी तक बना हुआ है। ग्रेटर नोएडा में पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्टे सोसाइटी के पास डीएफसीसी का कॉरिडोर 130 मीटर रोड को क्रॉस करता है। यहां रेलवे कॉरिडोर को जमीन के स्तर पर रखा गया है, जबकि वाहनों की आवाजाही के लिए 130 मीटर रोड को ऊपर से निकालने के लिए फ्लाईओवर बनाया गया है।

फ्लाईओवर निर्माण के लिए डीएफसीसी ने जनवरी 2020 में तिलपता गोलचक्कर से मकोड़ा गोलचक्कर के बीच यातायात डायवर्जन किया था। निर्माण शुरू होने के बाद कई बार इसकी समय सीमा तय की गई, लेकिन तय समय पर काम पूरा नहीं हो सका। हर साल दिसंबर तक निर्माण पूरा होने का दावा किया जाता रहा, लेकिन परियोजना में लगातार देरी होती रही।

प्राधिकरण और डीएफसीसी ने पहले 15 जून को फ्लाईओवर खोलने की घोषणा की थी, लेकिन फिनिशिंग कार्य बाकी होने के कारण इसे शुरू नहीं किया जा सका। इसके बाद 23 जून की सुबह 10 बजे डीएफसीसी ने इसे आम जनता के लिए खोल दिया।

डीएफसीसी के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर मदन चौहान ने बताया कि फ्लाईओवर अब स्थायी रूप से वाहनों के लिए खोल दिया गया है। दोनों तरफ से वाहन आसानी से आवाजाही कर सकेंगे और इसे दोबारा बंद करने की योजना नहीं है।

करीब दो किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर को शहर का दूसरा और सबसे लंबा फ्लाईओवर बताया जा रहा है। यह आठ लेन का है। फ्लाईओवर पर पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा किनारों पर सुरक्षा इंतजाम भी किए गए हैं, ताकि वाहन चालकों को किसी तरह की परेशानी न हो।

फ्लाईओवर शुरू होने के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट, ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। इस मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में निजी वाहन, व्यावसायिक वाहन और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े वाहन गुजरते हैं।

अब अंडरपास का भी होगा सौंदर्यीकरण

फ्लाईओवर शुरू होने के बाद डीएफसीसी अंडरपास के सौंदर्यीकरण की योजना पर काम करेगा। अधिकारियों के अनुसार, पहले अंडरपास के जरिए वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई थी, लेकिन बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बनी रहती थी।

अंडरपास में पानी निकासी की व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा। मानसून के बाद सड़क की मरम्मत कराई जाएगी और दीवारों को आकर्षक तरीके से सजाया जाएगा। अंडरपास को बेहतर लुक देने के लिए अलग-अलग आकृतियां और डिजाइन भी बनाए जाएंगे।

 

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