Friday, 6 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Hapur News : हापुड़ में किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा, 5 हजार का जुर्माना भी लगाHapur News : हापुड़ के उद्योगपति संजय गुप्ता का होगा राष्ट्रीय सम्मान, दिल्ली में मिलेगा ग्लोबल आइकॉन अवार्डLucknow : जिस निष्पक्षता से मिली नौकरी, उसी ईमानदारी से पीड़ित को न्याय दिलाएं वैज्ञानिक अधिकारी- सीएम योगीLucknow : पुलिस महारथी और फॉरेंसिक विभाग सारथी बनकर हर व्यक्ति को दिलाएं न्याय- मुख्यमंत्री योगीAyodhya : ‘पुष्पक विमान’ और ‘राम दरबार’ के साथ ही मोहित करेगी रामायण थीमLucknow : बुजुर्गों के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा का सहारा बनी योगी सरकार, 67.50 लाख लोगों को हर महीने मिल रही पेंशनAyodhya : 15 फीट ऊँचे रामरथ पर विराजेंगे जगत के पालनहारीAyodhya : रामनगरी के दसवें दीपोत्सव में दिखेगा वैश्विक रामकथा का रंग

Punjab : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से 15 अगस्त से सरपंचों के लिए 10,000 रुपए मासिक मानदेय का ऐलान

Punjab/Bhatinda : जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने और गांवों की नेतृत्व क्षमता को सशक्त बनाने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरपंचों के मानदेय में पांच गुना वृद्धि करते हुए इसे 15 अगस्त से 2,000 रुपए से बढ़ाकर 10,000 रुपए प्रति माह करने का ऐलान किया है। बठिंडा में सरपंच मिलनी के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरपंच दिन-रात गांवों की सेवा करते हैं और वे अपने अनमोल योगदान के लिए सम्मान के हकदार हैं।

गांवों के विकास को पंजाब की तरक्की की नींव बताते हुए मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि ग्रामीण विकास के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने सरपंचों से अपील की कि वे खुशहाल और रंगला पंजाब सृजन के सामूहिक प्रयासों का नेतृत्व करते हुए जनता के पैसे का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करें।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, “आज हमने एक बड़ा फैसला लिया है। 15 अगस्त से पंजाब के हर सरपंच को 10,000 रुपए प्रति माह मानदेय मिलेगा। पंचायतें लोकतंत्र की पहली सीढ़ी हैं और सरपंच दिन-रात अपने गांवों की सेवा करते हैं। वे अपनी समर्पित सेवा के लिए सम्मानजनक मानदेय के हकदार हैं। यह वृद्धि उन्हें अपने परिवारों का बेहतर पालन-पोषण करने में मदद करेगी और साथ ही वे अपने गांवों के विकास के लिए और भी बड़ी प्रतिबद्धता के साथ काम करने में सक्षम होंगे। जब गांव तरक्की करेंगे तो पंजाब तरक्की करेगा। हम लोगों की भलाई के लिए काम करते रहेंगे। यही हमारा वादा है।”

सरपंच मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि सरपंचों को अगस्त माह से 10,000 रुपए प्रति माह मानदेय मिलेगा। उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों ने सरपंचों को 1,200 रुपए मानदेय देने का वादा किया था, लेकिन यह वादा कभी पूरा नहीं हुआ और उन्हें इसके लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ी। हमारी सरकार ने सरपंचों के लिए 2,000 रुपए का मानदेय सुनिश्चित किया था, जिसे अब बढ़ाकर 10,000 रुपए प्रति माह किया जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने दावा किया, “पंचायतों को लोकतंत्र की नींव के रूप में जाना जाता है क्योंकि उनमें अपार शक्ति होती है और उनके फैसलों का पूरे गांव द्वारा सम्मान और पालन किया जाता है। गांववासियों के हितों की रक्षा करना और उनकी उम्मीदों को पूरा करना सरपंचों का मूल कर्तव्य है। देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है, इसी कारण पंचायती राज संस्थाओं को लोकतंत्र का प्रकाश पुंज माना जाता है।”

उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं राज्य सरकार की लोक-हितैषी और विकास-उन्मुख योजनाओं का लाभ नीचे के स्तर तक पहुंचाने का काम करती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “जहां नीतियां सरकार द्वारा बनाई जाती हैं, वहीं सरपंच और पंच उन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं सभी सरपंचों से अपील करता हूं कि वे खुद को विकास कार्यों के लिए पुनः समर्पित करें ताकि लोगों को इनका लाभ मिल सके।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उन कार्यों के लिए ग्रांट जारी की जा रही हैं जो जनता के महत्व के हैं और जिनकी सीधी निगरानी पंचायतों द्वारा की जाती है। उन्होंने कहा, “गांवों के विकास के विभिन्न प्रोजेक्ट भी उनके नेतृत्व में तैयार किए जाते हैं और सरपंचों को इन कार्यों और सेवाओं की तनदेही से निकट निगरानी करनी चाहिए।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह हर सरपंच का नैतिक कर्तव्य है कि वह टैक्स दाताओं के एक-एक पैसे का पारदर्शी तरीके से उपयोग सुनिश्चित करे।”

सरपंचों को स्पष्ट संदेश देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे विकास कार्यों में किसी भी तरह की नाजायज दखलअंदाजी से दूर रहें। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अतीत में गांवों के कई विकास कार्य गुटबाजी के कारण प्रभावित हुए।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए सरपंचों को गांवों में गुटबाजी समाप्त करने को मुख्य प्राथमिकता देनी चाहिए। लोकतंत्र में जो व्यक्ति या पार्टी बहुमत हासिल करती है, वह चुनाव जीत जाती है, लेकिन एक बार चुने जाने के बाद सरपंच पूरे गांव का होता है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरपंचों को हर निवासी के साथ बराबर का सलूक करना चाहिए और निष्पक्ष होकर फैसले लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि कई सरपंचों ने अपनी समझदारी और दूरदर्शिता से अपने गांवों का नक्शा बदल दिया है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरपंचों को गांवों को नशा मुक्त बनाने की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए और हमारी नौजवान पीढ़ी को नशों की लत से बचाने में मदद करनी चाहिए। उन्हें गांवों में सांप्रदायिक सद्भावना, शांति और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए भी अथक प्रयास करना चाहिए।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “गांवों में विकास और खुशहाली की रफ्तार को और तेज करना बेहद जरूरी है। हमारी सरकार गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरपंच सरकार और गांवों के बीच एक पुल हैं। ग्रामीण पंजाब के विकास और परिवर्तन में आपकी बहुत बड़ी भूमिका है।” सरपंचों को पूर्ण सहयोग का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि गांवों में विकास कार्यों के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने सरपंचों से अपील की कि वे अपने गांवों में विकास प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दें ताकि राज्य सरकार बिना किसी देरी के इन्हें शुरू कर सके।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सभी सरपंचों को रचनात्मक पहलकदमियों के माध्यम से गांवों का नक्शा बदलने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए ताकि हम सब मिलकर रंगला पंजाब सृजित कर सकें। उन्हें गांवों को साफ-सुथरा, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए भी सख्त मेहनत करनी चाहिए।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “सरपंच का चुनाव राज्य की सबसे कठिन चुनाव होता है क्योंकि सरपंच सीधे तौर पर जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़े रहते हैं। एक योग्य सरपंच गांव का नक्शा बदल सकता है और गांववासियों की खुशहाली सुनिश्चित कर सकता है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह सरपंच मिलनी गांव स्तर की समस्याओं को समझने के लिए एक अनूठी पहल है। ग्रांटों की कोई कमी नहीं है, लेकिन गांवों की भलाई के लिए इनका सही मायने में उपयोग होना चाहिए। ईमानदार और समर्पित सरपंच गांव के विकास की रीढ़ की हड्डी होते हैं। पिछली सरकारें गांवों की ग्रांटों में हिस्सा लेती थी, जिस कारण विकास कार्य प्रभावित होते थे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “गांवों में बड़ी मात्रा में ग्रांट पहुंच रही हैं और वह दिन दूर नहीं जब पूरे पंजाब के गांवों का पूर्ण कायाकल्प देखने को मिलेगा। इन फंडों का उपयोग ऐसे तरीके से किया जाना चाहिए जिससे समाज के हर वर्ग को फायदा हो। गलियों जैसे अन्य कामों को हाथ में लेने से पहले लाइब्रेरी, स्कूलों का निर्माण और सोलर लाइटें लगाने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि गांवों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अंत में कहा, “पंजाब के विकास को तेज करने और राज्य को देश में अग्रणी बनाने के लिए यह बहुत जरूरी है। हमारी सरकार गांवों के सर्वांगीण विकास और लोगों की खुशहाली के लिए सरपंचों को पूरा सहयोग देगी।”

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

संबंधित खबरें