Noida E-Registration विरोध: ई-पंजीकरण व्यवस्था के खिलाफ वकीलों का अनिश्चितकालीन धरना, 300 से ज्यादा रजिस्ट्रियां प्रभावित

Noida E-Registration विरोध: ई-पंजीकरण व्यवस्था के खिलाफ वकीलों का अनिश्चितकालीन धरना, 300 से ज्यादा रजिस्ट्रियां प्रभावित
उत्तर प्रदेश सरकार की नई ई-पंजीकरण (ई-रजिस्ट्रेशन) व्यवस्था के विरोध में गौतमबुद्ध नगर के अधिवक्ताओं और डीड राइटर्स ने आंदोलन शुरू कर दिया है। नई व्यवस्था के खिलाफ वकील और डीड राइटर्स अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं, जिसके चलते जिले के प्रमुख सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में संपत्ति रजिस्ट्री का काम बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
नोएडा के सेक्टर-33 स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय और ग्रेटर नोएडा के गामा-2 स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय में अधिवक्ताओं और डीड राइटर्स ने कामकाज ठप कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार द्वारा लागू की जा रही ई-पंजीकरण व्यवस्था से उनके पारंपरिक कार्य और रोजगार पर सीधा असर पड़ेगा। इसके साथ ही उनका दावा है कि डिजिटल प्रक्रिया लागू होने से आम लोगों को भी तकनीकी और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
धरने पर बैठे वकीलों ने साफ कहा है कि जब तक सरकार इस नई व्यवस्था को वापस नहीं लेती या इसमें जरूरी बदलाव नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। विरोध प्रदर्शन के कारण दोनों प्रमुख रजिस्ट्रार कार्यालयों में रजिस्ट्री का काम लगभग बंद हो गया है, जिससे बड़ी संख्या में लोग परेशान हो रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, आंदोलन के चलते अब तक करीब 300 से अधिक संपत्ति रजिस्ट्रियां प्रभावित हो चुकी हैं। कई लोग अपने जमीन और मकान से जुड़े दस्तावेजों की रजिस्ट्री कराने के लिए कार्यालय पहुंचे, लेकिन काम बंद होने के कारण उन्हें बिना रजिस्ट्री कराए वापस लौटना पड़ा।
वकीलों और डीड राइटर्स के इस विरोध का असर सरकारी राजस्व पर भी पड़ रहा है। रजिस्ट्री शुल्क और स्टांप शुल्क के रूप में मिलने वाली आय प्रभावित हो रही है। प्रशासन के लिए भी यह स्थिति चुनौती बन गई है क्योंकि एक तरफ सरकार डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी तरफ इससे जुड़े लोग इसके विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं।
दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में ई-पंजीकरण व्यवस्था शुरू की है। इस व्यवस्था का उद्देश्य संपत्ति रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान, तेज और डिजिटल बनाना है। सरकार का दावा है कि नई प्रणाली से लोगों को बार-बार सब रजिस्ट्रार कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी और ऑनलाइन माध्यम से कई प्रक्रियाएं पूरी की जा सकेंगी।
हालांकि, गौतमबुद्ध नगर में इस व्यवस्था को लेकर अधिवक्ताओं और डीड राइटर्स में नाराजगी बढ़ गई है। उनका कहना है कि डिजिटल प्रणाली लागू करने से पहले सभी पक्षों से चर्चा की जानी चाहिए थी और व्यवस्था में आने वाली व्यवहारिक समस्याओं को दूर किया जाना चाहिए।
फिलहाल नोएडा और ग्रेटर नोएडा के सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में विरोध जारी है। आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, जबकि प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत से ही इस विवाद का समाधान निकलने की उम्मीद है।





