PM Modi Paris Visit: पेरिस में बोले पीएम मोदी, 12 वर्षों में भारत ने विकास की नई ऊंचाइयां छुईं, 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए

PM Modi Paris Visit: पेरिस में बोले पीएम मोदी, 12 वर्षों में भारत ने विकास की नई ऊंचाइयां छुईं, 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए
पेरिस। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की विकास यात्रा, वैश्विक भूमिका और भारत-फ्रांस संबंधों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धियां केवल सरकार की नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक शक्ति, संकल्प और मेहनत का परिणाम हैं।
भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पेरिस को विविधता, संस्कृति, नवाचार और रचनात्मकता का शहर बताया। उन्होंने कहा कि फ्रांस में बसे भारतीय इस शहर की खूबसूरती और ऊर्जा को और बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि यहां भारत के हर क्षेत्र और हर संस्कृति की झलक दिखाई देती है। तमिल, पंजाबी, गुजराती, मराठी, बंगाली और देश के अन्य हिस्सों से आए भारतीय फ्रांस में भारत की समृद्ध विरासत और विविधता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि फ्रांस की उनकी यात्रा की शुरुआत ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम से हुई थी और समापन के समय उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है मानो वह ‘भारत कनेक्ट’ कार्यक्रम में शामिल हुए हों। उन्होंने कहा कि फ्रांस में बसे भारतीय दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और यह संबंध आने वाले वर्षों में और मजबूत होंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लगातार 12 वर्षों तक देश की सेवा करने का अवसर मिलना उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र इतना मजबूत है कि एक साधारण परिवार से आने वाला व्यक्ति भी देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। देश की जीडीपी दोगुनी हुई है, एयरपोर्ट्स की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, विश्वविद्यालयों का विस्तार हुआ है और राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की गति कई गुना बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन की भी एक बड़ी कहानी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यह दुनिया के इतिहास में गरीबी उन्मूलन के सबसे बड़े अभियानों में से एक है। उन्होंने कहा कि आज देश के लगभग हर परिवार के पास बैंक खाता है और वित्तीय समावेशन एक सरकारी योजना से आगे बढ़कर सामाजिक परिवर्तन का आंदोलन बन चुका है।
प्रधानमंत्री ने भारत की औद्योगिक और तकनीकी प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश का निर्यात लगातार बढ़ रहा है और मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि आज भारत केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक विनिर्माण और नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।
अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चंद्रयान मिशन के माध्यम से भारत ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक पहुंचकर इतिहास रचा। उन्होंने कहा कि अब देश गगनयान मिशन और अपने स्वयं के अंतरिक्ष स्टेशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह भारत के युवाओं की महत्वाकांक्षा और वैज्ञानिकों की क्षमता का प्रतीक है।
ग्रीन एनर्जी और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश सौर ऊर्जा उत्पादन में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है। अब भारत ग्रीन हाइड्रोजन, एडवांस्ड न्यूक्लियर एनर्जी और भविष्य की ऊर्जा तकनीकों में बड़े निवेश कर रहा है। उन्होंने फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर रिएक्टर परियोजना को भारतीय वैज्ञानिकों की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया भरोसेमंद साझेदारों की तलाश कर रही है। वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में भारत एक विश्वसनीय और स्थिर भागीदार के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में भी उन्होंने भरोसे, समावेशी विकास और वैश्विक सहयोग पर आधारित साझेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वैश्विक विकास तभी सार्थक होगा जब उसका लाभ सभी देशों और समाजों तक पहुंचे।
भारत और फ्रांस के संबंधों पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, महत्वपूर्ण खनिज, हाई-स्पीड रेलवे और उन्नत तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि भारत और फ्रांस अगले वर्ष संयुक्त रूप से ‘तृष्णा’ उपग्रह का प्रक्षेपण करेंगे, जो खाद्य और जल सुरक्षा से जुड़े वैश्विक मुद्दों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और फ्रांस की साझेदारी केवल द्विपक्षीय हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक कल्याण, शांति और सतत विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने फुटबॉल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि फुटबॉल भारत और फ्रांस को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक माध्यम बन चुका है। फ्रांस में फुटबॉल का जुनून दुनिया भर में प्रसिद्ध है, जबकि भारत में भी इस खेल के प्रति युवाओं का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने फ्रांसीसी टीम को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं भी दीं।





