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Cancer Surgery: महिला के पेट से निकाला गया 14.5 किलो का कैंसरग्रस्त ट्यूमर, 10 घंटे चली जटिल सर्जरी

Cancer Surgery: महिला के पेट से निकाला गया 14.5 किलो का कैंसरग्रस्त ट्यूमर, 10 घंटे चली जटिल सर्जरी

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के ओखला स्थित Fortis Escorts Hospital Okhla के डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए 55 वर्षीय महिला के पेट से 14.5 किलोग्राम वजन का कैंसरग्रस्त ट्यूमर निकालकर उसकी जान बचाई है। अस्पताल के अनुसार यह भारत में अब तक सर्जरी के माध्यम से निकाले गए सबसे बड़े एब्डॉमिनल कैंसरग्रस्त ट्यूमर में से एक माना जा रहा है।

मरीज कुलदीप कौर, जो पेशे से नर्स हैं, पिछले चार वर्षों से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रही थीं। ट्यूमर के लगातार बढ़ते आकार के कारण उन्हें सांस लेने, चलने-फिरने और दैनिक कार्य करने में भारी परेशानी हो रही थी। कई अस्पतालों ने ट्यूमर के विशाल आकार और सर्जरी से जुड़े जोखिमों को देखते हुए उपचार करने से इनकार कर दिया था।

इसके बाद उन्होंने फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल में परामर्श लिया, जहां विशेषज्ञों ने पीईटी-सीटी, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी विस्तृत जांचें कीं। जांच में सामने आया कि ट्यूमर काफी बड़ा हो चुका है और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों को भी प्रभावित कर रहा है। इसके बाद डॉक्टरों ने सर्जरी करने का फैसला लिया।

सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ Dr. Archit Pandit के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने करीब 10 घंटे लंबी जटिल सर्जरी की। लैपरोटोमी तकनीक के जरिए लगभग 30×30 सेंटीमीटर आकार का कैंसरग्रस्त ट्यूमर सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया।

डॉक्टरों के अनुसार ट्यूमर मरीज के बाएं गुर्दे को पूरी तरह घेर चुका था, जिसके कारण सर्जरी के दौरान बायां गुर्दा भी निकालना पड़ा। इसके अलावा गर्भाशय में बड़े फाइब्रॉयड पाए जाने के कारण गर्भाशय, दोनों डिंबग्रंथियां (ओवरी) और फैलोपियन ट्यूब्स भी हटानी पड़ीं।

विशेषज्ञों ने बताया कि इतनी बड़ी सर्जरी के दौरान कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन मेडिकल टीम के समन्वित प्रयासों से ऑपरेशन सफल रहा। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में लगातार सुधार हुआ और एक सप्ताह के भीतर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

डॉ. अर्चित पंडित ने कहा कि इतने बड़े आकार के कैंसरग्रस्त ट्यूमर को सुरक्षित रूप से निकालना अत्यंत चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने बताया कि समय पर सर्जरी करना मरीज की जान बचाने का एकमात्र विकल्प था। डॉक्टरों के अनुसार यदि उपचार में और देरी होती तो मरीज के लिए स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

अस्पताल प्रशासन ने इस सफलता को जटिल कैंसर सर्जरी, आधुनिक चिकित्सा तकनीक और मल्टीडिसिप्लिनरी विशेषज्ञता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है। यह मामला दर्शाता है कि समय पर जांच और विशेषज्ञ उपचार से गंभीर से गंभीर बीमारियों का भी सफल इलाज संभव है।

 

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