Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : भैया दूज के बाद फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षा, पुलिस, राजस्व में युवाओं को मिलेगी नौकरी- मुख्यमंत्री योगीLucknow : अब कोई भाई-भतीजावाद नहीं, 25 करोड़ जनता ही परिवार- सीएम योगीLucknow : योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती से मिली खाकी वर्दी, सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरेLucknow : दीपावली और छठ पूजा पर अलर्ट मोड में रहेंगे मेडिकल कॉलेज, 24 घंटे सक्रिय रहेंगी इमरजेंसी सेवाएंLucknow : योगी सरकार आपदा में जान गंवाने वालों के परिवार को देगी अब आठ लाख की आर्थिक मददAyodhya : उप राष्ट्रपति के आगमन से दीप प्रज्ज्वलन तक, रामनगरी में मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग कमानMathura : वृंदावन में धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरा संत समाज, बोला संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तानChandigarh : चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए भाजपा ईडी , सीबीआई, इनकम टैक्स और इलेक्शन कमीशन का दुरुपयोग कर रही है- हरपाल सिंह चीमा

Defence Production: रक्षा उत्पादन और निर्यात में भारत का नया कीर्तिमान, 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा उत्पादन

Defence Production: रक्षा उत्पादन और निर्यात में भारत का नया कीर्तिमान, 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा उत्पादन

नई दिल्ली, 17 जून। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में भारत ने एक नया इतिहास रच दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा उत्पादन पहली बार 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि न केवल भारत की बढ़ती औद्योगिक क्षमता को दर्शाती है, बल्कि वैश्विक रक्षा बाजार में देश की मजबूत होती स्थिति का भी प्रमाण है। रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष की तुलना में रक्षा उत्पादन में 15.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि वर्ष 2020-21 की तुलना में इसमें 110 प्रतिशत से अधिक का इजाफा हुआ है।

देश में रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में लगातार प्रगति देखने को मिली है। यदि वर्ष 2013-14 की तुलना की जाए तो भारत का स्वदेशी रक्षा उत्पादन लगभग चार गुना बढ़ चुका है। सरकार द्वारा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने, स्वदेशी तकनीक को प्रोत्साहन देने और घरेलू उद्योगों को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों का सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, कुल रक्षा उत्पादन में रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों (डीपीएसयू) और अन्य सरकारी संस्थानों का योगदान 76 प्रतिशत रहा है। वहीं निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़कर 24 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। निजी क्षेत्र की कंपनियों ने करीब 42 हजार करोड़ रुपये का उत्पादन किया है। यह संकेत है कि देश का निजी उद्योग अब रक्षा निर्माण में बड़ी भूमिका निभाने लगा है और सरकार की नीतियों का लाभ उठाते हुए वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो रहा है।

रक्षा उत्पादन में हुई इस उल्लेखनीय वृद्धि का प्रभाव रक्षा निर्यात पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात बढ़कर 38,424 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि भारतीय रक्षा उत्पादों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्यता मिल रही है। भारत अब केवल रक्षा उपकरणों का आयातक देश नहीं रह गया है, बल्कि वैश्विक बाजार में एक मजबूत निर्यातक के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और आत्मनिर्भर भारत अभियान की नीतियों को दिया। उन्होंने कहा कि सरकार और निजी क्षेत्र के संयुक्त प्रयासों के कारण भारत का रक्षा औद्योगिक आधार लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में और अधिक ऊंचाइयों को हासिल करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा क्षेत्र में बढ़ता निवेश, आधुनिक तकनीकों का उपयोग, अनुसंधान एवं विकास पर जोर और निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी भारत को वैश्विक रक्षा उद्योग का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। रक्षा उत्पादन और निर्यात में यह रिकॉर्ड वृद्धि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को नई मजबूती देने के साथ-साथ देश की आर्थिक और सामरिक शक्ति को भी सशक्त बनाएगी।

भारत की यह उपलब्धि न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह रोजगार सृजन, तकनीकी विकास और आर्थिक प्रगति के लिए भी एक बड़ा कदम मानी जा रही है। रक्षा क्षेत्र में लगातार बढ़ती सफलता यह संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक रक्षा बाजार में और अधिक प्रभावशाली भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें