ESIC Admission 2026: ईएसआईसी ने MBBS, BDS और नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन मांगे, बीमित कर्मचारियों के बच्चों को मिलेगा बड़ा अवसर

ESIC Admission 2026: ईएसआईसी ने MBBS, BDS और नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन मांगे, बीमित कर्मचारियों के बच्चों को मिलेगा बड़ा अवसर
नई दिल्ली, 5 जून। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमबीबीएस, बीडीएस और बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु ‘वार्ड ऑफ इंश्योर्ड पर्सन (WIP)’ कोटा के अंतर्गत आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह विशेष सुविधा कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) योजना से जुड़े बीमित कर्मचारियों के आश्रित बच्चों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से उपलब्ध कराई गई है। ईएसआईसी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार देशभर के 22 मेडिकल, डेंटल और नर्सिंग संस्थानों में कुल 783 सीटें आरक्षित की गई हैं। इनमें 695 सीटें एमबीबीएस, 28 सीटें बीडीएस तथा 60 सीटें बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित हैं। इन सीटों पर प्रवेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन संचालित केंद्रीकृत काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से दिया जाएगा, जिसे स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशालय संचालित करता है। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पात्र छात्रों को अत्यंत रियायती शुल्क पर चिकित्सा और नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों के लिए वार्षिक ट्यूशन फीस मात्र 24 हजार रुपये निर्धारित की गई है, जबकि बीएससी नर्सिंग के लिए यह शुल्क 10 हजार रुपये प्रति वर्ष रखा गया है। ईएसआईसी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी छात्र से कैपिटेशन फीस या डोनेशन नहीं लिया जाएगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। आवेदन के लिए अभ्यर्थी के माता-पिता या अभिभावक का ईएसआई अधिनियम के तहत पंजीकृत बीमित व्यक्ति होना आवश्यक है। साथ ही 30 सितंबर 2025 तक उनका सक्रिय अंशदाता होना भी अनिवार्य शर्तों में शामिल है। इसके अतिरिक्त उम्मीदवार का नीट यूजी 2026 परीक्षा में शामिल होना आवश्यक होगा, क्योंकि प्रवेश मेरिट और काउंसलिंग प्रक्रिया के आधार पर ही किया जाएगा। ईएसआईसी ने बताया कि वार्ड ऑफ इंश्योर्ड पर्सन प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 21 जून 2026 निर्धारित की गई है। प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद अभ्यर्थियों को मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) द्वारा आयोजित काउंसलिंग प्रक्रिया में अलग से पंजीकरण कराना होगा। निगम ने पात्र अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है, ताकि वे इस विशेष शैक्षणिक अवसर का लाभ उठा सकें।





