उत्तर प्रदेशराज्य

Astauli Village Protest: डंपिंग ग्राउंड के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन जारी, 50वें दिन भी धरने पर डटे किसान

Astauli Village Protest: डंपिंग ग्राउंड के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन जारी, 50वें दिन भी धरने पर डटे किसान

नोएडा। ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र स्थित अस्तौली गांव में प्रस्तावित डंपिंग ग्राउंड के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को आंदोलन ने 50 दिन पूरे कर लिए, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अडिग बने हुए हैं। इस बीच ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने धरनास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की और उनकी आपत्तियों को सुना, लेकिन बातचीत के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। धरने पर बैठे ग्रामीणों ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में बताया कि वे गांव के निकट डंपिंग ग्राउंड स्थापित करने की योजना को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि इस परियोजना से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा, पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि डंपिंग ग्राउंड की प्रस्तावित परियोजना को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।

वार्ता के दौरान प्राधिकरण अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों और आपत्तियों की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी। अधिकारियों ने यह भी भरोसा दिलाया कि अगला निर्णय होने तक प्रस्तावित स्थल पर डंपिंग ग्राउंड से संबंधित सभी गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी। उन्होंने कहा कि न तो वहां कूड़ा डाला जाएगा और न ही किसी प्रकार का निर्माण कार्य किया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि डंपिंग ग्राउंड की गतिविधियों के कारण आसपास के क्षेत्रों में पहले से ही बदबू फैल रही है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि क्षेत्र में बीमारियों के मामले बढ़ने की आशंका बनी हुई है और भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है। इसी चिंता को लेकर आसपास के करीब आठ गांवों के किसान और ग्रामीण एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं।

धरनास्थल पर मौजूद लोगों ने कहा कि यह आंदोलन केवल अस्तौली गांव का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की रक्षा का संघर्ष है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक डंपिंग ग्राउंड को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। धरने में सूरज भाटी, धनपाल भाटी, देवी भाटी, गजेंद्र मास्टर, विजय पहलवान, विनोद प्रधान, बलराज प्रधान, उमेश भाटी, अशोक भाटी, वीरेंद्र हवलदार, रिंकू भाटी और महकार ठेकेदार सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण शामिल रहे। आंदोलनकारियों ने एक स्वर में कहा कि जनस्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। फिलहाल प्राधिकरण और ग्रामीणों के बीच संवाद की प्रक्रिया जारी है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने तक आंदोलन जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।

Related Articles

Back to top button