Noida Voter List: नोएडा में 10 हजार डुप्लीकेट वोटर मिलने का दावा, सपा ने निर्वाचन आयोग से उच्चस्तरीय जांच की मांग की

Noida Voter List: नोएडा में 10 हजार डुप्लीकेट वोटर मिलने का दावा, सपा ने निर्वाचन आयोग से उच्चस्तरीय जांच की मांग की
नोएडा। समाजवादी पार्टी (सपा) की नोएडा इकाई ने नोएडा विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए भारत निर्वाचन आयोग से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी का दावा है कि स्थानीय स्तर पर किए गए परीक्षण और सत्यापन के दौरान करीब 10 हजार डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान हुई है।
सपा के अनुसार जांच में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें एक ही व्यक्ति के नाम पर दो, तीन, चार या उससे अधिक वोटर आईडी कार्ड जारी होने का दावा किया गया है। इसके अलावा कुछ मतदाताओं के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों और बूथों पर दर्ज पाए जाने की बात भी कही गई है।
सपा नोएडा अध्यक्ष Ashray Gupta द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि हाल ही में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम प्रक्रिया बताया गया था। ऐसे में बड़ी संख्या में कथित डुप्लीकेट मतदाताओं का सामने आना गंभीर चिंता का विषय है और इससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
पार्टी ने अपने पत्र में निर्वाचन आयोग से कई महत्वपूर्ण सवाल भी पूछे हैं। सपा का कहना है कि यदि यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है तो अब तक जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि आधुनिक और हाईटेक सत्यापन प्रक्रिया के बावजूद एक ही व्यक्ति के नाम पर कई वोटर आईडी कार्ड या अलग-अलग बूथों पर पंजीकरण कैसे संभव हुआ।
समाजवादी पार्टी ने मांग की है कि नोएडा विधानसभा क्षेत्र की पूरी मतदाता सूची का स्वतंत्र निरीक्षण कराया जाए और सभी प्रविष्टियों का दोबारा सत्यापन किया जाए। पार्टी का कहना है कि कथित डुप्लीकेट मतदाताओं को हटाने के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जानी चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी निर्धारित की जानी चाहिए।
सपा ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य किसी संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाना है। पार्टी ने निर्वाचन आयोग से मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराकर तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की है।
हालांकि, इस संबंध में निर्वाचन आयोग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की जांच और सत्यापन के बाद ही डुप्लीकेट मतदाताओं के दावे की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
