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Noida Education: गौतमबुद्ध नगर में ड्रॉपआउट रोकने के लिए शुरू हुआ विशेष ट्रैकिंग अभियान, हर छात्र पर रखी जाएगी नजर

Noida Education: गौतमबुद्ध नगर में ड्रॉपआउट रोकने के लिए शुरू हुआ विशेष ट्रैकिंग अभियान, हर छात्र पर रखी जाएगी नजर

गौतमबुद्ध नगर जिले में सरकारी स्कूलों से पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की संख्या कम करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने कक्षा 5 और कक्षा 8 पास करने वाले छात्र-छात्राओं की निगरानी के लिए विशेष विद्यार्थी ट्रैकिंग अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा बीच में पढ़ाई न छोड़े और सभी का आगे की कक्षाओं में दाखिला हो सके।

अभियान के तहत जिले के सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों से पास होने वाले सभी विद्यार्थियों का विस्तृत डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। इसके जरिए यह पता लगाया जाएगा कि बच्चों ने आगे किस विद्यालय में प्रवेश लिया है और कौन से छात्र पढ़ाई से दूर हो रहे हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने विद्यालय से पास-आउट होने वाले छात्र-छात्राओं की पूरी जानकारी तैयार करें। इस डेटा को डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रेरणा पोर्टल और यूडीआईएसई पर अपडेट किया जा रहा है।

डेटाबेस में छात्र का नाम, अभिभावक का मोबाइल नंबर, घर का पता और नए विद्यालय में नामांकन की स्थिति दर्ज की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे प्रत्येक छात्र की शैक्षणिक प्रगति पर नजर रखना आसान होगा।

शिक्षा विभाग के अनुसार ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में बड़ी संख्या में बच्चे कक्षा 5 या 8 के बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियां, आर्थिक स्थिति और जागरूकता की कमी इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं।

नई व्यवस्था के तहत यदि कोई बच्चा अगली कक्षा में प्रवेश नहीं लेता है तो विभाग की टीम सीधे उसके परिवार से संपर्क करेगी। अधिकारियों द्वारा परिवार को समझाकर बच्चे को दोबारा स्कूल से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

इसके अलावा विभाग कक्षा 5 और 8 पास छात्रों की टीसी और परीक्षा परिणाम सूची का मिलान नजदीकी उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के प्रवेश रिकॉर्ड से भी करेगा। इससे उन बच्चों की पहचान आसानी से हो सकेगी जिन्होंने बीच में पढ़ाई छोड़ दी है।

Rahul Panwar ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर छात्र-छात्रा को अनिवार्य रूप से शिक्षा का लाभ मिले। इसके लिए विभाग लगातार अभियान चला रहा है और ड्रॉपआउट छात्रों को दोबारा स्कूलों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

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