Noida Sports City: नोएडा स्पोर्ट्स सिटी में टाटा और गोदरेज प्रोजेक्ट को मिली सशर्त ओसी, हजारों फ्लैट खरीदारों को राहत

Noida Sports City: नोएडा स्पोर्ट्स सिटी में टाटा और गोदरेज प्रोजेक्ट को मिली सशर्त ओसी, हजारों फ्लैट खरीदारों को राहत
नोएडा की Sports City Noida परियोजना से जुड़े हजारों होम बायर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी भूखंड एससी-02 में विकसित हो रही Tata Eureka Park और Godrej Properties की पॉम रिट्रीट परियोजनाओं को कंडीशनल ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) जारी कर दिया है। इसके बाद अब फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो गया है।
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार दोनों बिल्डरों ने अपना बकाया भुगतान जमा कर दिया है, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। हालांकि प्राधिकरण ने शर्त रखी है कि परियोजना की 20 प्रतिशत इन्वेंट्री उसके अधीन रहेगी। इस शर्त को लेकर बिल्डरों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जब पूरा भुगतान किया जा चुका है तो इन्वेंट्री को प्राधिकरण के नियंत्रण में रखने का कोई औचित्य नहीं है।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि कंडीशनल ओसी जारी करने से पहले इस शर्त को नियमों में शामिल किया गया था। साथ ही डेवलपर्स को अगले तीन वर्षों के भीतर स्पोर्ट्स ब्रोशर के अनुसार सभी खेल गतिविधियों और सुविधाओं का निर्माण पूरा करना होगा। इसके बाद ही वे कंप्लीशन सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर सकेंगे।
ओसी जारी होने के बाद अब बिल्डर फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री शुरू करा सकेंगे। यहां पहले से बड़ी संख्या में लोग फ्लैटों में रह रहे हैं, लेकिन लंबे समय से रजिस्ट्री अटकी हुई थी। इस फैसले से हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-78, 79, 150 और 152 स्थित स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं में ओसी पर लगी रोक भी हटा दी है। इनमें Prestige Group, County Group, Lotus Greens और Aldeo Group जैसे बड़े बिल्डरों की परियोजनाएं शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि इस पूरी परियोजना में करीब 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जुड़ा हुआ है और लगभग 40 हजार परिवार प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित थे। लंबे समय से लोग ओसी और रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे थे।
प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के 24 नवंबर 2025 के आदेश के अनुपालन में लिया गया है। अदालत ने निर्देश दिया था कि जिन परियोजनाओं ने भवन निर्माण नियमों और बकाया भुगतान की शर्तें पूरी कर ली हैं, उन्हें सशर्त ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी किया जाए और रजिस्ट्रियों की अनुमति दी जाए।
सुप्रीम कोर्ट की शर्तों के अनुसार डेवलपर को परियोजना के 70 प्रतिशत हिस्से में खेल गतिविधियों और संबंधित सुविधाओं का निर्माण करना अनिवार्य होगा। इस फैसले को नोएडा के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बड़ा राहतभरा कदम माना जा रहा है।
