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Noida Air Pollution: पिछले साल की तुलना में इस मई में बढ़ा वायु प्रदूषण, ग्रेटर नोएडा की हवा सबसे ज्यादा प्रभावित

Noida Air Pollution: पिछले साल की तुलना में इस मई में बढ़ा वायु प्रदूषण, ग्रेटर नोएडा की हवा सबसे ज्यादा प्रभावित

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में इस वर्ष मई महीने के दौरान पिछले साल की तुलना में वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खासकर ग्रेटर नोएडा की वायु गुणवत्ता अधिक प्रभावित रही, जहां पीएम 10 का स्तर पीएम 2.5 की तुलना में अधिक पाया गया। यह स्थिति शहर की हवा की बिगड़ती गुणवत्ता की ओर संकेत करती है।

जानकारी के अनुसार, पिछले साल मई में ग्रेटर नोएडा की हवा एक भी दिन “बेहद खराब” श्रेणी में नहीं पहुंची थी, जबकि इस बार मई महीने में कम से कम पांच दिन हवा “बेहद खराब” श्रेणी में दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि इस वर्ष प्रदूषण का स्तर अपेक्षाकृत अधिक गंभीर रहा है।

इसी तरह पिछले वर्ष केवल एक दिन हवा “खराब” श्रेणी में रही थी, जबकि इस बार नौ दिन तक वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। इसके अलावा इस वर्ष नौ दिन ऐसे रहे जब AQI 200 के पार पहुंच गया, जो स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक स्थिति मानी जाती है।

हालांकि आंकड़ों के अनुसार 2024 का मई महीना इस वर्ष की तुलना में अधिक प्रदूषित रहा था, लेकिन वर्तमान स्थिति भी वायु गुणवत्ता में लगातार उतार-चढ़ाव और गिरावट को दर्शाती है। विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ता निर्माण कार्य, वाहनों की संख्या और धूल प्रदूषण इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं।

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी नियंत्रण उपाय नहीं किए गए तो आने वाले समय में वायु प्रदूषण की स्थिति और गंभीर हो सकती है। इसके लिए सड़क धूल नियंत्रण, हरियाली बढ़ाने और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर सख्त निगरानी जरूरी है।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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