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China Mine Blast: चीन की कोयला खदान में बड़ा हादसा, 90 लोगों की मौत पर PM मोदी ने जताया शोक

China Mine Blast: चीन की कोयला खदान में बड़ा हादसा, 90 लोगों की मौत पर PM मोदी ने जताया शोक

चीन के शांक्सी प्रांत में स्थित एक कोयला खदान में हुए भीषण गैस विस्फोट में कम से कम 90 लोगों की मौत हो गई है। यह हादसा पिछले 16 वर्षों में चीन का सबसे बड़ा खदान हादसा बताया जा रहा है। इस दुखद घटना पर भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping और वहां के नागरिकों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात चीन के शांक्सी प्रांत के किनयुआन काउंटी स्थित लिउशेनयू कोयला खदान में अचानक गैस विस्फोट हो गया। हादसे के समय खदान के अंदर करीब 247 मजदूर काम कर रहे थे। धमाका इतना भीषण था कि बड़ी संख्या में मजदूर इसकी चपेट में आ गए। अब तक कम से कम 90 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

यह हादसा वर्ष 2009 के बाद चीन की सबसे बड़ी खदान दुर्घटना माना जा रहा है। इससे पहले 2009 में हेइलोंगजियांग प्रांत में हुए कोयला और गैस विस्फोट में 108 लोगों की जान गई थी और 133 लोग घायल हुए थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि भारत की जनता की ओर से वे राष्ट्रपति शी जिनपिंग और चीन के लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि इस कठिन समय में उन्हें शक्ति मिले। उन्होंने लापता लोगों की जल्द और सुरक्षित वापसी की भी कामना की।

बताया जा रहा है कि इस खदान का संचालन शांक्सी तोंगझोउ ग्रुप लिउशेनयू कोल इंडस्ट्री कंपनी द्वारा किया जाता है। यह कंपनी वर्ष 2010 में स्थापित की गई थी और इसका संचालन शांक्सी तोंगझोउ कोल कोकिंग ग्रुप के अधीन है। हादसे के बाद कंपनी से जुड़े कई अधिकारियों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

वहीं राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। स्थानीय प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियां खदान में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। किनयुआन के स्थानीय इमरजेंसी विभाग ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।

शांक्सी प्रांत प्रशासन ने बचाव अभियान के लिए 7 विशेष रेस्क्यू और मेडिकल टीमें मौके पर भेजी हैं। इन टीमों में कुल 755 सदस्य शामिल हैं, जो राहत कार्य में लगे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लापता लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

 

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