Greater Noida: ग्रेटर नोएडा DIET ने ग्रैंड आर्ट एंड कल्चर फेस्टिवल 2025 का समापन किया; 100 पार्टिसिपेंट्स ने क्रिएटिव टैलेंट दिखाया, 12 को एक्सीलेंस के लिए सम्मानित किया गया

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा DIET ने ग्रैंड आर्ट एंड कल्चर फेस्टिवल 2025 का समापन किया; 100 पार्टिसिपेंट्स ने क्रिएटिव टैलेंट दिखाया, 12 को एक्सीलेंस के लिए सम्मानित किया गया

ग्रेटर नोएडा के दनकौर स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में आयोजित दो दिवसीय कला, क्राफ्ट एवं संस्कृति महोत्सव-2025 का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। इस कार्यक्रम में जिले भर से आए प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा और सांस्कृतिक दक्षता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, रचनात्मकता और सांस्कृतिक समृद्धि के अद्भुत संगम में परिवर्तित हो गया।

महोत्सव का उद्घाटन प्राचार्य एवं सहायक शिक्षा निदेशक अर्चना गुप्ता और मुख्य अतिथि प्रोफेसर गजनफर ज़ैदी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। संचालन की जिम्मेदारी भूपेंद्र सिंह ने संभाली। उद्घाटन सत्र के दौरान उप शिक्षा निदेशक राज सिंह यादव ने कला के महत्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डालते हुए कहा कि कला मानव जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है और यह व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास एवं मानसिक संतुलन में अहम योगदान देती है। उन्होंने प्रतिभागियों को रचनात्मकता के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को समाज के सामने प्रस्तुत करने की प्रेरणा दी।

इस कला महोत्सव में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों के साथ-साथ डीएलएड प्रशिक्षुओं ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रतिभागियों द्वारा विभिन्न विषयों पर आधारित पेंटिंग, क्राफ्ट व अन्य कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसे उपस्थित दर्शकों ने बेहद सराहा। कुल 100 प्रतिभागियों ने अपनी श्रेष्ठ कलाकृतियों के माध्यम से अपनी मौलिक सोच और रचनात्मक दृष्टिकोण का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी के मूल्यांकन का कार्य निर्णायक मंडल में शामिल शशिकांत तिवारी और डॉ. प्रतीक सागर द्वारा किया गया।

समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 12 चयनित प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण के दौरान पूरे परिसर में तालियों की गूंज सुनाई दी और विजेताओं के चेहरे गर्व और खुशी से खिल उठे। शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों ने प्रतिभागियों की उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें अपनी प्रतिभा को पहचानने और निखारने का मंच भी प्रदान करते हैं।

अंत में सभी ने भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि कला और संस्कृति समाज की पहचान हैं और ऐसी गतिविधियाँ शिक्षा जगत में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बनती हैं।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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