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Digital Arrest Scam: नोएडा में डिजिटल अरेस्ट का बड़ा साइबर फ्रॉड, बुजुर्ग से 85 लाख की ठगी, गुरुग्राम से आरोपी गिरफ्तार

Digital Arrest Scam: नोएडा में डिजिटल अरेस्ट का बड़ा साइबर फ्रॉड, बुजुर्ग से 85 लाख की ठगी, गुरुग्राम से आरोपी गिरफ्तार

नोएडा : साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक बुजुर्ग से 85 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को साइबर सेल और सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़ित को 16 दिनों तक मानसिक दबाव में रखा और अलग-अलग चरणों में बैंक खातों से रकम ट्रांसफर करा ली। मामले की जांच कर रही पुलिस ने हरियाणा के गुरुग्राम से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

एडीसीपी नोएडा Manisha Singh ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर थाना साइबर क्राइम में मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पता चला कि जिस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट के लिए किया गया, उसे एक मोबाइल कंपनी के पीओएस एजेंट द्वारा ई-सिम के रूप में सक्रिय किया गया था। बाद में उसी नंबर का उपयोग कंबोडिया से साइबर ठगी करने में किया गया।

पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से आरोपी सूरज पुत्र फूल सिंह को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी भारतीय सिम कार्ड को कंबोडिया में ई-सिम के रूप में सक्रिय कराने में शामिल था।

पुलिस के अनुसार नोएडा निवासी धीरेंद्र कुमार को 8 अप्रैल को एक फोन कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को साइबर सेल अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड से खरीदे गए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में हुआ है। इसके बाद पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग और बच्चों की तस्करी जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी गई।

आरोपियों ने खुद को बेंगलुरु साइबर क्राइम थाना और सीबीआई अधिकारी बताकर ऑनलाइन पूछताछ शुरू कर दी। इस दौरान पीड़ित को लगातार निगरानी में रखते हुए “डिजिटल अरेस्ट” जैसा माहौल बनाया गया। डर और दबाव में आकर बुजुर्ग ने अपने बैंक खातों और एफडी की जानकारी साझा कर दी, जिसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग चरणों में करीब 85 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और साइबर गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या सरकारी एजेंसी के नाम पर आने वाले दबाव वाले फोन से सतर्क रहें और अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

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