
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन RAGEPILL को सफलतापूर्वक अंजाम देने पर एनसीबी की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए एजेंसियों ने पहली बार कथित “जिहादी ड्रग” कैप्टागन की बड़ी खेप जब्त की है।
अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि मोदी सरकार ‘नशामुक्त भारत’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन RAGEPILL के तहत करीब 182 करोड़ रुपये मूल्य की कैप्टागन खेप जब्त की गई है। उन्होंने कहा कि मध्य-पूर्व भेजे जा रहे इस कंसाइनमेंट को पकड़ना और एक विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी, नशीले पदार्थों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का उदाहरण है। उन्होंने दोहराया कि भारत में आने वाली या भारत को ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल कर बाहर भेजी जाने वाली हर ग्राम ड्रग के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
विदेशी ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसी से मिली सूचना के आधार पर एनसीबी ने नई दिल्ली के नेब सराय इलाके में एक मकान की पहचान की। 11 मई 2026 को तलाशी के दौरान एक चपाती कटिंग मशीन में छिपाकर रखी गई लगभग 31.5 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट बरामद की गई, जिसे जेद्दा, सऊदी अरब भेजा जाना था।
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार सीरियाई नागरिक 15 नवंबर 2024 को पर्यटक वीजा पर भारत आया था। उसका वीजा 12 जनवरी 2025 को समाप्त हो चुका था, लेकिन वह अवैध रूप से भारत में रह रहा था। उसने नेब सराय में किराये पर मकान लिया हुआ था।
आरोपी से पूछताछ के बाद 14 मई 2026 को गुजरात के मुंद्रा स्थित कंटेनर फैसिलिटेशन स्टेशन में एक कंटेनर से करीब 196.2 किलोग्राम कैप्टागन पाउडर बरामद किया गया। इस कंटेनर को भेड़ की ऊन से भरा हुआ बताकर सीरिया से आयात किया गया था। गहन तलाशी के दौरान तीन बैगों में छिपाकर रखा गया कैप्टागन पाउडर बरामद हुआ।
प्रारंभिक जांच के अनुसार जब्त खेप को खाड़ी क्षेत्र, विशेषकर सऊदी अरब और अन्य मध्य-पूर्व देशों में भेजा जाना था, जहां कैप्टागन का दुरुपयोग गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। ऑपरेशन RAGEPILL के तहत कुल 227.7 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट और पाउडर जब्त किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में अनुमानित कीमत करीब 182 करोड़ रुपये आंकी गई है।
एनसीबी के अनुसार यह भारत में कैप्टागन की पहली बड़ी जब्ती है और इससे अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट्स द्वारा भारत को ट्रांजिट हब के रूप में इस्तेमाल करने की साजिश का खुलासा हुआ है। एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय खुफिया साझेदारी और कानून प्रवर्तन सहयोग की अहम भूमिका को भी दर्शाती है।
यह कार्रवाई हाल ही में मुंबई में एनसीबी द्वारा की गई एक अन्य बड़ी जब्ती के बाद सामने आई है, जिसमें इक्वाडोर से आए कंटेनर में छिपाकर रखी गई 349 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन बरामद की गई थी। एजेंसी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट अब व्यावसायिक कार्गो और कंटेनर आधारित व्यापार मार्गों का दुरुपयोग तेजी से कर रहे हैं।
एनसीबी ने खरीद के स्रोत, हवाला और वित्तीय नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स सुविधा प्रदाताओं, अंतरराष्ट्रीय रिसीवरों और इस सिंडिकेट से जुड़े व्यापक नेटवर्क की पहचान के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। ब्यूरो ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय सहयोग, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, ड्रग तस्करों के प्रत्यर्पण और नार्को-आतंकवाद के खिलाफ समन्वित कार्रवाई को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
एनसीबी ने नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सीमा पार सक्रिय अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ सिंडिकेट्स के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। ब्यूरो ने नागरिकों से अपील की है कि मादक पदार्थों से जुड़ी किसी भी सूचना को MANAS हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1933 पर साझा करें। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।





