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उत्तर प्रदेश, नोएडा: नोएडा में सिंदूर खेला के बाद भक्तों ने दी मां दुर्गा को विदाई, महिलाओं ने मां से की सुख-समृद्धि की कामना

उत्तर प्रदेश, नोएडा: नोएडा में सिंदूर खेला के बाद भक्तों ने दी मां दुर्गा को विदाई, महिलाओं ने मां से की सुख-समृद्धि की कामना

अजीत कुमार
उत्तर प्रदेश, नोएडा।विजयदशमी के अवसर पर बंगाली समुदाय की महिलाओं द्वारा सिंदूर खेला का आयोजन किया जाता है. इस दौरान महिलओं ने सिंदूर खेला की रस्म को पूरा किया और उसके बाद मां दुर्गा को विदाई दी. ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ माता रानी की मूर्ति को विसर्जित किया गया. बता दें कि नोएडा के दुर्गा पंडालों में बंगाली समुदाय की महिलाओं ने पारंपरिक सिंदूर खेला का उत्सव धूमधाम आयोजित किया और खास परंपरा के अनुसार महिलाओं ने लाल साड़ी पहनकर दुर्गा मां को विदाई दी.

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सिंदूर खेला को बंगाली संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. यह उत्सव होली की तरह रंग-बिरंगा होता है, फर्क सिर्फ इतना कि इसमें रंगों की जगह सिंदूर का प्रयोग होता है. यह परंपरा सामुदायिक सौहार्द और उत्साह को और प्रगाढ़ बनाती है. नोएडा के दुर्गा पूजा पंडालो में विजयादशमी के अवसर पर बंगाली समुदाय की महिलाओं ने पारंपरिक ‘सिंदूर खेला’ उत्सव को धूमधाम से मनाया.

विवाहित महिलाओं द्वारा मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित किया जाता इस खास परंपरा के अनुसार महिलाएं लाल साड़ियों में सजकर मां दुर्गा को विदा करती हैं. इस दौरान विवाहित महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित किया और एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सुख-समृद्धि की कामना की, इसके बाद भक्त अपनी हथेलियों में पान का पत्ता लेकर उसे देवी के चेहरे से लगाते हैं. यह रिवाज मां के चेहरे से आंसू पोंछने को दर्शाता है. ऐसी मान्यता है कि नवरात्र में मां अपने घर आती हैं और दशमी तिथि पर मायका छोड़कर ससुराल वापस जाती हैं. सबसे पहले उनके माथे पर सिंदूर लगाया जाता है. इसके बाद देवी को विदाई दी जाती है.

सिंदूर खेला की इस परंपरा के बीच मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष महिलाएं और युवतियां पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर अपनी आस्था और भक्ति का विशेष अंदाज में इजहार करती नजर आईं. धार्मिक संगीत, ढाक की थाप और उल्लासमय वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा मां दुर्गा के चरणों में समर्पण और सांस्कृतिक एकता की झलक भी दिखाई दी.

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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