Greater Noida school fees: 40% फीस बढ़ोतरी पर फूटा अभिभावकों का गुस्सा, ग्रेटर नोएडा के स्कूल के बाहर जोरदार प्रदर्शन
The Wisdom Tree School में फीस बढ़ोतरी को लेकर अभिभावकों का गुस्सा शनिवार को खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में अभिभावकों ने स्कूल परिसर के बाहर प्रदर्शन करते हुए प्रबंधन पर नियमों की अनदेखी करने और किए गए वादे से मुकरने का आरोप लगाया। अभिभावकों का कहना है कि जिला शुल्क नियामक समिति द्वारा तय सीमा से कहीं ज्यादा फीस बढ़ाई गई है, जिससे परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
अभिभावकों के अनुसार जिला शुल्क नियामक समिति ने स्कूल को अधिकतम 7.23 प्रतिशत तक फीस बढ़ाने की अनुमति दी थी, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने करीब 40 प्रतिशत तक फीस बढ़ा दी। इसे लेकर अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिली। प्रदर्शन के दौरान कई अभिभावक पोस्टर लेकर पहुंचे और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।
अभिभावक संघ के प्रतिनिधि वीरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन प्रशासनिक आदेशों को भी नजरअंदाज कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल की ओर से पहले अभिभावकों को आश्वासन दिया गया था कि बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पूरी तरह सुरक्षित रहेगा तथा इस संबंध में लिखित एफिडेविट भी दिया जाएगा, लेकिन अब तक ऐसा कोई शपथपत्र साझा नहीं किया गया।
मामले को लेकर अभिभावकों ने आयकर विभाग की कार्रवाई का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि आयकर विभाग द्वारा स्कूल की लगभग 125 करोड़ रुपये मूल्य की इमारत को बेनामी संपत्ति घोषित किए जाने के बाद अभिभावकों में चिंता का माहौल बन गया था। इसी कारण 5 अप्रैल 2026 को स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के बीच बैठक हुई थी, जिसमें लगभग 1700 छात्रों की शिक्षा की निरंतरता और सुरक्षा को लेकर लिखित आश्वासन देने की बात कही गई थी।
अभिभावकों का आरोप है कि कई बार संपर्क करने के बावजूद स्कूल प्रशासन उनकी मांगों का संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा। वहीं स्कूल की प्रधानाचार्य ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि फीस वृद्धि पूरी तरह नियमों के अनुसार की गई है।
इस मामले पर Rajesh Kumar Singh ने कहा कि अभिभावकों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला शुल्क नियामक समिति द्वारा तय सीमा से अधिक फीस वसूली पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस विवाद के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट के अभिभावकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है और अब सभी की नजर जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
