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Noida Land Scam: नोएडा में करोड़ों की जमीन घोटाले का खुलासा, ED की छापेमारी में फर्जी दस्तावेजों से जमीन बेचने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश

Noida Land Scam: नोएडा में करोड़ों की जमीन घोटाले का खुलासा, ED की छापेमारी में फर्जी दस्तावेजों से जमीन बेचने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश

नोएडा, 15 मई : नोएडा में करोड़ों रुपये की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने के बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली-एनसीआर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई स्पिरिचुअल रीजेनेरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया (SRMF) ट्रस्ट की जमीनों की कथित फर्जी बिक्री के मामले में की है। ईडी की कार्रवाई के बाद जमीन माफियाओं और इस नेटवर्क से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच एजेंसी ने 7 मई 2026 को ईसीआईआर दर्ज करने के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए कई अहम दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य सबूत जब्त किए हैं। शुरुआती जांच में G. Ram Chandra Mohan और Akash Malviya को पूरे नेटवर्क का मुख्य मास्टरमाइंड माना जा रहा है। एजेंसी के मुताबिक दोनों आरोपी पहले भी छत्तीसगढ़ के एक मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं।

ईडी की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने ट्रस्ट के फर्जी पदाधिकारी बनकर नकली अथॉरिटी लेटर, जाली बोर्ड रेजोल्यूशन और फर्जी मुहरों का इस्तेमाल करते हुए ट्रस्ट की जमीनों को बेच दिया। आरोप है कि दिसंबर 2025 में नोएडा के गेझा तिलपताबाद गांव स्थित 3.3610 हेक्टेयर जमीन, जिसकी सर्किल रेट लगभग 33.61 करोड़ रुपये थी, उसे कथित तौर पर सिर्फ 16 करोड़ रुपये में बेच दिया गया।

जांच एजेंसी के मुताबिक यह पूरा सौदा “The Spiritual Regeneration Movement Foundation of India” नाम की कथित फर्जी संस्था बनाकर किया गया। अब ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि इस जमीन घोटाले में और कौन-कौन लोग तथा कंपनियां शामिल थीं। इस मामले में दिल्ली के नारायण विहार, नोएडा और उत्तर दिल्ली के बुराड़ी इलाके में कई ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

ईडी की छापेमारी जिन लोगों और संस्थाओं के यहां हुई उनमें Singhwahini Infra Projects Private Limited और उसके डायरेक्टर Pradeep Singh के नाम भी शामिल हैं। इसके अलावा राम श्याम नामक व्यक्ति के ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई।

जांच में यह भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि एक ही जमीन को अलग-अलग समय पर कई खरीदारों को बेच दिया गया। इससे करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी होने की आशंका जताई जा रही है। ईडी अब इस बात की भी जांच कर रही है कि जमीन बेचकर प्राप्त किए गए करोड़ों रुपये कहां और कैसे इस्तेमाल किए गए।

इस मामले में पहले ही Supreme Court of India ने SRM फाउंडेशन ऑफ इंडिया (महर्षि महेश योगी संस्थान) के श्रीकांत ओझा की याचिका पर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव की निगरानी में SIT जांच के आदेश दिए थे। अब ईडी की एंट्री के बाद इस फर्जीवाड़े में शामिल लोगों की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं।

फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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