Delhi Snatching Case: मोबाइल स्नैचिंग के बाद पुलिस पर गंभीर आरोप, प्रीत विहार थाने के पुलिसकर्मी सस्पेंड

Delhi Snatching Case: मोबाइल स्नैचिंग के बाद पुलिस पर गंभीर आरोप, प्रीत विहार थाने के पुलिसकर्मी सस्पेंड
रिपोर्ट: रवि डालमिया
पूर्वी दिल्ली के Preet Vihar इलाके से सामने आए एक मोबाइल स्नैचिंग मामले ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला सिर्फ मोबाइल छीनने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पीड़ित परिवार ने पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे परिवार के साथ लापरवाही बरती गई और बाद में उनके बैंक खातों से यूपीआई के जरिए पैसे भी निकाल लिए गए।
जानकारी के अनुसार 10 तारीख की रात एक परिवार आईटीओ की तरफ से अपने घर लौट रहा था। जैसे ही परिवार प्रीत विहार इलाके में पहुंचा, बाइक सवार दो बदमाशों ने उनके हाथ से मोबाइल फोन छीन लिया और मौके से फरार हो गए। घटना के तुरंत बाद परिवार ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और परिवार को प्रीत विहार थाने ले जाया गया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि थाने में घंटों तक उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। परिवार ने दावा किया कि इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने वह मोबाइल फोन अपने पास ले लिया, जिससे 112 नंबर पर कॉल की गई थी। करीब डेढ़ घंटे बाद जब फोन वापस मिला तो उसमें नेटवर्क नहीं आ रहा था। परिवार ने जब सिम कार्ड निकालकर देखा तो वह टूटी हुई थी। इस घटना के बाद परिवार को शक हुआ कि उनके मोबाइल डेटा और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की गई है।
परिवार के मुताबिक अगले दिन उनके मोबाइल नंबर और आधार कार्ड से जुड़े बैंक अकाउंट्स से यूपीआई के जरिए करीब 15 हजार रुपये निकाल लिए गए। आरोप है कि 5-5 हजार रुपये की तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन की गईं। इसके बाद पीड़ित परिवार ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। वहां उन्हें बताया गया कि रात के दौरान उनके आधार से छेड़छाड़ कर बैंक ट्रांजैक्शन को अंजाम दिया गया।
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत एसीपी स्तर तक पहुंचाई। परिवार का आरोप है कि थाने की ओर से उन्हें बताया गया था कि पुलिस टीम उनके घर पहुंच रही है, लेकिन बाद में जांच में पता चला कि SHO की तरफ से कोई टीम भेजी ही नहीं गई थी। इससे परिवार का शक और गहरा गया कि पूरे मामले में गंभीर लापरवाही हुई है।
इस मामले में अब पुलिसकर्मी पुष्पेंद्र को सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि मोबाइल स्नैचिंग के बाद हुई बैंक धोखाधड़ी में और कौन-कौन शामिल था। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और साइबर एंगल से भी पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर राजधानी दिल्ली में कानून व्यवस्था और पुलिस सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर शिकायत लेकर थाने पहुंचा परिवार ही खुद को सुरक्षित महसूस न करे, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करे। मोबाइल स्नैचिंग से शुरू हुआ यह मामला अब पुलिस की कार्यप्रणाली, जवाबदेही और सिस्टम की पारदर्शिता पर गंभीर बहस का कारण बन गया है।
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