Noida Consumer Court: शराब पीने का हवाला देकर इंश्योरेंस क्लेम खारिज नहीं कर सकती बीमा कंपनी
Noida Consumer Court: शराब पीने का हवाला देकर इंश्योरेंस क्लेम खारिज नहीं कर सकती बीमा कंपनी
Noida में जिला उपभोक्ता आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि केवल शराब सेवन का हवाला देकर कोई बीमा कंपनी इलाज का खर्च देने से इंकार नहीं कर सकती। आयोग ने साफ किया कि यदि किसी व्यक्ति की अचानक तबीयत बिगड़ती है और उसे अस्पताल में भर्ती कर इलाज करना पड़ता है, तो बीमा कंपनी को मेडिकल क्लेम का भुगतान करना होगा।
यह फैसला Reliance General Insurance के खिलाफ सुनाया गया है। आयोग के अध्यक्ष Anil Kumar Pundir और सदस्य Anju Sharma की पीठ ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि वह इलाज में खर्च हुई राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 30 दिनों के भीतर शिकायतकर्ता को अदा करे।
मामला Greater Noida के प्रोव्यू टेक्नोसिटी अपार्टमेंट निवासी हरी शंकर शर्मा से जुड़ा है। उन्होंने 24 अक्टूबर 2018 को तीन लाख रुपये की हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी थी। 25 जुलाई 2019 को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें नोएडा सेक्टर-27 स्थित Vinayak Hospital में भर्ती कराया गया।
डॉक्टर Saurabh Chaudhary ने जांच के बाद मरीज को आठ दिन तक अस्पताल में भर्ती रहने की सलाह दी। इलाज के दौरान अस्पताल का कुल बिल लगभग 2.32 लाख रुपये आया। अस्पताल प्रशासन ने बीमा कंपनी से कैशलेस सुविधा और बिल भुगतान के लिए संपर्क किया, लेकिन कंपनी ने भुगतान से इंकार कर दिया।
सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने दावा किया कि मरीज लंबे समय से शराब का सेवन करता था और बीमारी उसी के कारण हुई थी। कंपनी ने पॉलिसी की शर्तों का हवाला देते हुए कहा कि शराब या नशे से जुड़ी जटिलताओं का खर्च बीमा के दायरे में नहीं आता।
हालांकि आयोग ने अपने फैसले में कहा कि डिस्चार्ज समरी और मेडिकल रिकॉर्ड में कहीं भी यह नहीं लिखा था कि बीमारी सीधे तौर पर शराब सेवन की वजह से हुई थी। आयोग ने माना कि मरीज की तबीयत अचानक बिगड़ी थी और डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें भर्ती किया था। इसलिए बीमा कंपनी का दावा पर्याप्त मेडिकल साक्ष्यों से साबित नहीं हो पाया।
आयोग ने अंततः रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता को इलाज में खर्च हुई 2.26 लाख रुपये की राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 30 दिनों के भीतर भुगतान करे।