Noida accident: नोएडा के आर्किटेक्ट की सेक्टर-49 सिग्नल के पास आवारा गाय से टक्कर के बाद कार से कुचलकर मौत
Noida accident: नोएडा के आर्किटेक्ट की सेक्टर-49 सिग्नल के पास आवारा गाय से टक्कर के बाद कार से कुचलकर मौत
नोएडा में सोमवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक वास्तुकार (आर्किटेक्ट) की मौत हो गई। सेक्टर-49 ट्रैफिक सिग्नल के पास स्कूटी से घर लौट रहे 35 वर्षीय अर्जेश कुमार की पहले सड़क पर घूम रही एक गाय से टक्कर हो गई, जिसके बाद वह सड़क पर गिर पड़े और पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार मृतक अर्जेश कुमार सेक्टर-99 के निवासी थे और नोएडा प्राधिकरण से जुड़े हुए आर्किटेक्ट के रूप में काम करते थे। घटना के बाद उनके परिवार में कोहराम मच गया है। छोटे भाई अर्जुन प्रजापति ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है।
घटना रात करीब आठ बजे हुई जब अर्जेश कुमार अपनी स्कूटी से घर लौट रहे थे। सेक्टर-49 रेडलाइट से कुछ मीटर पहले अचानक एक लावारिस गाय डिवाइडर के पास से मुड़कर उनकी स्कूटी से टकरा गई। टक्कर लगते ही वह सड़क पर गिर गए। इसी दौरान पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कार उन्हें बचाने की कोशिश में बाईं ओर मुड़ी, लेकिन गति अधिक होने के कारण वह उन्हें कुचल बैठी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरी घटना कार में लगे डैश कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है, जिससे दुर्घटना की स्पष्ट तस्वीर मिल गई है। फुटेज में देखा गया कि गाय अचानक सड़क पर आई और स्कूटी से टकराई, जिसके बाद पीछे से आ रही कार चालक ने ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन हादसा टाल नहीं सका।
कार चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और वाहन को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि कार एक टूरिज्म कंपनी से जुड़ी हुई है।
मृतक मूल रूप से मेरठ के सरधना के रहने वाले थे और कुछ वर्षों से नोएडा में रह रहे थे। उनकी पत्नी और बच्चे हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
स्थानीय लोगों ने इस हादसे के बाद शहर में लावारिस पशुओं की समस्या और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की कमी को लेकर नाराजगी जताई है। लोगों ने प्रशासन से सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को हटाने और ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की है ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
पिछले कुछ वर्षों में नोएडा में इस तरह के कई हादसे सामने आ चुके हैं, जिनमें आवारा पशु और तेज रफ्तार वाहन दोनों ही जानलेवा साबित हुए हैं।



