Noida EV Charging Project: शहर में बनेंगे 81 ईवी चार्जिंग स्टेशन, प्राधिकरण जल्द जारी करेगा टेंडर

Noida EV Charging Project: शहर में बनेंगे 81 ईवी चार्जिंग स्टेशन, प्राधिकरण जल्द जारी करेगा टेंडर
नोएडा में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और पर्यावरण प्रदूषण को कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नोएडा प्राधिकरण पहले चरण में शहर के 81 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए जल्द ही ओपन टेंडर जारी किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कंपनी को इन स्टेशनों के निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, ये सभी चार्जिंग स्टेशन मुख्य रूप से शहर की प्रमुख सड़कों के किनारे लगाए जाएंगे, ताकि ईवी वाहन चालकों को आसानी से चार्जिंग सुविधा उपलब्ध हो सके। इस परियोजना के लिए सर्वे का कार्य पूरा किया जा चुका है और अब इसे तेजी से लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
अधिकारियों ने बताया कि इस बार पूरी योजना को एक ही कंपनी के माध्यम से लागू किया जाएगा, जिसे निर्माण के साथ-साथ संचालन की जिम्मेदारी भी दी जाएगी। इससे न केवल कार्य में एकरूपता बनी रहेगी, बल्कि बेहतर निगरानी और रखरखाव भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
यह पहली बार नहीं है जब नोएडा में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम हुआ हो। इससे पहले प्राधिकरण ने एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड के साथ मिलकर 54 स्थानों पर 162 चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए थे, लेकिन इनमें से केवल 69 ही चालू हो पाए। बाकी चार्जिंग प्वाइंट या तो तकनीकी कारणों से बंद हो गए या प्रभावी रूप से संचालित नहीं हो सके, जिससे योजना अपेक्षित सफलता नहीं हासिल कर सकी।
इसी अनुभव को देखते हुए अब नोएडा प्राधिकरण ने इस बार सीधे टेंडर प्रक्रिया के जरिए योजना को लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि संचालन और गुणवत्ता पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सके।
प्राधिकरण का मानना है कि शहर में ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ने से इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। इससे न केवल पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम होगी, बल्कि वायु प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि यह परियोजना आगे चलकर और विस्तारित की जाएगी, ताकि पूरे नोएडा को एक मजबूत ईवी नेटवर्क से जोड़ा जा सके। इस पहल से शहर को एक ग्रीन और सस्टेनेबल सिटी के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।





