दिल्ली

India Health Innovation Summit: नवाचार से सशक्त होगी स्वास्थ्य व्यवस्था, आराधना पटनायक ने रखी भविष्य की रणनीति

India Health Innovation Summit: नवाचार से सशक्त होगी स्वास्थ्य व्यवस्था, आराधना पटनायक ने रखी भविष्य की रणनीति

नई दिल्ली में आयोजित ‘इनोवेशन एंड इंक्लूसिविटी: बेस्ट प्रैक्टिसेज शेपिंग इंडिया’स हेल्थ फ्यूचर’ विषय पर राष्ट्रीय समिट का समापन देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, प्रभावी और समावेशी बनाने के स्पष्ट संकल्प के साथ हुआ। समापन सत्र में नेशनल हेल्थ मिशन की निदेशक आराधना पटनायक ने राज्यों द्वारा हासिल की गई प्रगति की सराहना करते हुए वर्ष 2030 के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप दीर्घकालिक रणनीति अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार, डिजिटल तकनीकों का विस्तार और प्राथमिक सेवाओं की मजबूती भविष्य की स्वास्थ्य प्रणाली की आधारशिला साबित होगी। समिट के दौरान प्रस्तुत रिपोर्ट में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के विस्तार को एक बड़ी उपलब्धि बताया गया, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ी है। इसके साथ ही डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग ने टेली-कंसल्टेशन और रिमोट हेल्थ सेवाओं को गति दी है, जिससे मरीजों को घर बैठे विशेषज्ञ सलाह मिलना संभव हुआ है।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, गैर-संचारी रोगों के प्रबंधन और स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता में बढ़ोतरी को भी महत्वपूर्ण उपलब्धियों के रूप में रेखांकित किया गया। विशेषज्ञों ने इस बात पर बल दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए मानव संसाधनों का बेहतर उपयोग, आवश्यक दवाओं और जांच सुविधाओं की समय पर उपलब्धता और दूरदराज क्षेत्रों तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। साथ ही डेटा गुणवत्ता में सुधार, रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत करने और रेफरल प्रणाली को अधिक व्यवस्थित बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। समिट के दूसरे दिन नेशनल हेल्थ मिशन के तहत आयोजित 17वीं कॉमन रिव्यू मिशन की रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के अनुभवों को साझा किया गया। इन अनुभवों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और सफल मॉडल्स के आदान-प्रदान से स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। समापन के दौरान यह संदेश दिया गया कि नवाचार और समावेशिता के साथ आगे बढ़ते हुए भारत अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और नागरिकों के लिए अधिक सुलभ बना सकता है।

Related Articles

Back to top button