Srinagar Khel Sankalp: श्रीनगर खेल संकल्प’ जारी, विकसित भारत के विजन में खेल होंगे केंद्र में

Srinagar Khel Sankalp: श्रीनगर खेल संकल्प’ जारी, विकसित भारत के विजन में खेल होंगे केंद्र में
नई दिल्ली/श्रीनगर। देश में खेल संस्कृति को नई दिशा देने के लिए आयोजित तीन दिवसीय चिंतन शिविर के समापन पर ‘श्रीनगर खेल संकल्प’ दस्तावेज जारी किया गया। केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, विभिन्न राज्यों के खेल मंत्रियों और खेल जगत की प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी में यह संकल्प पेश किया गया, जिसमें विकसित भारत के विजन में खेलों को केंद्रीय भूमिका देने पर जोर दिया गया।
इस संकल्प में ‘सहकारी संघवाद’ की भावना के तहत केंद्र, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच बेहतर समन्वय की बात कही गई है, ताकि नीतियां पूरी तरह खिलाड़ी-केंद्रित बन सकें। इसका उद्देश्य हर स्तर पर प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर देना है।
‘श्रीनगर खेल संकल्प’ के तहत देशभर में क्षेत्रीय खेल केंद्र (रीजनल स्पोर्ट्स क्लस्टर) विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसमें भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता को ताकत मानते हुए स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और मजबूत खेल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर जोर दिया गया है।
दस्तावेज में खेलों को केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया है। इसके जरिए खेल पर्यटन को बढ़ावा देने, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को आकर्षित करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने की बात कही गई है।
साथ ही भारत की यह महत्वाकांक्षा भी दोहराई गई कि भविष्य में वह ओलंपिक और विश्व कप जैसे बड़े वैश्विक खेल आयोजनों की मेजबानी करे और अपनी संगठन क्षमता का प्रदर्शन करे।
कार्यक्रम में शामिल प्रतिनिधियों ने “संकल्प से सिद्धि” के मंत्र के साथ एक ऐसी खेल व्यवस्था बनाने का संकल्प लिया, जिसमें हर खिलाड़ी को अवसर, संसाधन और सम्मान मिले। इस पहल के साथ यह साफ हो गया है कि आने वाले समय में खेल भारत की विकास यात्रा का एक अहम स्तंभ बनने जा रहे हैं।





