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YEIDA 25 Years: यमुना प्राधिकरण के 25 साल पूरे, जेवर एयरपोर्ट से इंडस्ट्रियल हब तक तेज विकास की कहानी

YEIDA 25 Years: यमुना प्राधिकरण के 25 साल पूरे, जेवर एयरपोर्ट से इंडस्ट्रियल हब तक तेज विकास की कहानी

नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर एक अहम पड़ाव हासिल किया है। वर्ष 2001 में गठित यह प्राधिकरण आज उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बन चुका है। इस मौके पर आयोजित प्रेस वार्ता में सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बीते वर्षों की उपलब्धियों को गिनाते हुए भविष्य की योजनाओं का भी विस्तृत खाका पेश किया।

सीईओ ने बताया कि पिछले 25 वर्षों में यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को एक वैश्विक औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार काम किया गया है। इस दौरान कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं ने गति पकड़ी है, जिनमें जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, फिल्म सिटी, सेमीकंडक्टर पार्क, जापानी पार्क, अपैरल पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क प्रमुख हैं।

उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट परियोजना का पहला चरण तेजी से निर्माणाधीन है और वर्ष 2027 तक इसके उद्घाटन की उम्मीद है। यह एयरपोर्ट न केवल उत्तर भारत का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी के जरिए निवेश और व्यापार को भी नई गति देगा। वहीं फिल्म सिटी परियोजना के तहत देश-विदेश की फिल्म निर्माण इकाइयों को आकर्षित करने के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

सेमीकंडक्टर पार्क में टाटा समूह सहित कई बड़ी कंपनियों के निवेश की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जबकि जापानी पार्क के लिए 500 एकड़ से अधिक भूमि आवंटित की जा चुकी है। इसके अलावा अपैरल पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क में भी 2026 के अंत तक उत्पादन शुरू होने की संभावना जताई गई है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

प्राधिकरण ने आगामी वर्षों में विस्तार की योजना के तहत मथुरा, हाथरस और आगरा जिलों में लगभग 5,000 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण का लक्ष्य रखा है। यह जमीन नई औद्योगिक इकाइयों और आवासीय परियोजनाओं के विकास में उपयोग की जाएगी।

सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि YEIDA अब तक 25,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित कर चुका है, जिससे 2 लाख से ज्यादा रोजगार सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में स्मार्ट सिटी मॉडल पर आधारित नई टाउनशिप विकसित की जाएंगी, जिनमें आधुनिक सुविधाओं के साथ सतत विकास पर भी जोर होगा।

प्राधिकरण के अधिकारियों ने जल संरक्षण, हरित ऊर्जा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी तेजी से प्रगति की जानकारी दी। कोविड के बाद YEIDA ने तेजी से रिकवरी की है और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार मिली है। हाल ही में सरकार द्वारा 10,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया गया है, जिससे विकास कार्यों को और गति मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में चल रही ये परियोजनाएं न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगी, बल्कि दिल्ली-एनसीआर को वैश्विक व्यापार और निवेश के केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

 

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