Delhi Medical Breakthrough: गंगा राम अस्पताल में दुर्लभ डुअल कैंसर केस का सफल इलाज, एक ही मरीज में दो अलग-अलग कैंसर पर पाई जीत

Delhi Medical Breakthrough: गंगा राम अस्पताल में दुर्लभ डुअल कैंसर केस का सफल इलाज, एक ही मरीज में दो अलग-अलग कैंसर पर पाई जीत
नई दिल्ली स्थित Sir Ganga Ram Hospital के डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक ही मरीज में पाए गए दो अलग-अलग प्रकार के कैंसर का सफल इलाज किया है। यह मामला बेहद दुर्लभ है, क्योंकि दुनिया भर में ऐसे केस 0.5 प्रतिशत से भी कम देखने को मिलते हैं।
51 वर्षीय महिला पिछले एक साल से जोड़ों में दर्द, पीठ दर्द, मतली और पेट फूलने जैसी समस्याओं से परेशान थीं। जांच के दौरान गंभीर एनीमिया (हीमोग्लोबिन 5.9) पाया गया। आगे की जांच में जटिल मेडिकल संकेत सामने आए, जिसके बाद बोन मैरो टेस्ट में हाई-रिस्क मल्टीपल मायलोमा यानी प्लाज्मा सेल कैंसर की पुष्टि हुई।
इसके साथ ही एफडीजी पेट सीटी स्कैन में हड्डियों में कई घावों के अलावा पैंक्रियास में एक गांठ भी पाई गई। बायोप्सी में यह ग्रेड-1 न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर निकला। यानी मरीज एक साथ दो अलग-अलग कैंसर से जूझ रही थीं, जिससे इलाज और भी चुनौतीपूर्ण हो गया।
डॉक्टरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि पहले किस कैंसर का इलाज किया जाए। विशेषज्ञों की टीम ने मल्टीपल मायलोमा की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकता तय की और वीआरडी रेजिमेन (लेनालिडोमाइड, बोरटेजोमीब और डेक्सामेथासोन) से इलाज शुरू किया। वहीं पैंक्रियाज ट्यूमर को ऑक्ट्रीओटाइड इंजेक्शन के जरिए नियंत्रित किया गया।
इलाज के दौरान मरीज को ब्लड ट्रांसफ्यूजन और हड्डियों को मजबूत करने वाली थेरेपी भी दी गई, जिससे उनकी स्थिति में तेजी से सुधार होने लगा। महज तीन महीनों में मरीज ने पूर्ण हेमेटोलॉजिकल रिमिशन हासिल कर ली, जो एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
इसके बाद डॉक्टरों ने सफल सर्जरी करते हुए पैंक्रियाज ट्यूमर को भी निकाल दिया। अंतिम जांच में यह ट्यूमर लो-ग्रेड और सीमित फैलाव वाला पाया गया। फिलहाल मरीज मेंटेनेंस थेरेपी पर हैं और आगे स्टेम सेल ट्रांसप्लांट की योजना बनाई जा रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि यह केस इस बात का उदाहरण है कि समय पर सही जांच, आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों की टीमवर्क से सबसे जटिल बीमारियों का भी सफल इलाज संभव है।





