Parshuram Dham Project: पश्चिमी यूपी में 200 एकड़ में बनेगा धाम, नोएडा में परशुराम भवन की घोषणा

Parshuram Dham Project: पश्चिमी यूपी में 200 एकड़ में बनेगा धाम, नोएडा में परशुराम भवन की घोषणा
रिपोर्ट: अजीत कुमार
Noida में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान राष्ट्रीय परशुराम परिषद ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भव्य परशुराम धाम के निर्माण की बड़ी घोषणा की है। परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि करीब 200 एकड़ भूमि में इस धाम को विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है, जिसके लिए सरकार और विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ लगातार संवाद चल रहा है। इसके साथ ही नोएडा में भी परशुराम भवन के निर्माण का ऐलान किया गया है, जिससे क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
प्रेसवार्ता में परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) विनय शर्मा ने बताया कि भगवान परशुराम के अवतरण दिवस के अवसर पर Goa में पहली बार सात दिवसीय भव्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव 19 अप्रैल से 25 अप्रैल तक गोवा सरकार और राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु हिस्सा ले रहे हैं।
महोत्सव की शुरुआत भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसके बाद समुद्र तट पर भगवान Parshuram की प्रतिमा के समक्ष पहली बार भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसे अब नियमित रूप से आयोजित करने की योजना है। इस आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक माहौल को भी नई दिशा दी है।
कार्यक्रम में Pramod Sawant, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दामू नाइक और परिषद के संस्थापक एवं पूर्व राज्य मंत्री सुनील भराला सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस दौरान करीब 10 हजार लोगों की भागीदारी दर्ज की गई, जो इस आयोजन की भव्यता को दर्शाती है।
परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद शर्मा ने बताया कि भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार उन्होंने अपने परशु से समुद्र को पीछे हटाकर गोवा (प्राचीन गोमंतक) और गोकर्ण क्षेत्र की रचना की थी, जिससे यह क्षेत्र उनकी तपोभूमि के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
महोत्सव के दौरान प्रतिदिन धार्मिक कथा, भजन, यज्ञ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। परिषद ने यह भी कहा कि भगवान परशुराम के जीवन और उनके आदर्शों को समाज तक सही रूप में पहुंचाना जरूरी है, ताकि उनके बारे में फैली भ्रांतियों को दूर किया जा सके।
इस अवसर पर परिषद के कई अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस पहल को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया। परिषद का मानना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित परशुराम धाम न केवल आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकता को भी मजबूत करेगा। साथ ही नोएडा में बनने वाला परशुराम भवन स्थानीय स्तर पर धार्मिक गतिविधियों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।



