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Noida JIMS Initiative: विश्व स्वास्थ्य दिवस पर मेडटेक स्टार्टअप्स के लिए कॉल फॉर एप्लीकेशन लॉन्च

Noida JIMS Initiative: विश्व स्वास्थ्य दिवस पर मेडटेक स्टार्टअप्स के लिए कॉल फॉर एप्लीकेशन लॉन्च

नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई है। जिम्स के इंक्यूबेशन सेंटर द्वारा उत्तर प्रदेश के मेडटेक स्टार्टअप्स के लिए ‘कॉल फॉर एप्लीकेशन’ कार्यक्रम का ऑनलाइन शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य हेल्थकेयर क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना है।

यह पहल स्टार्टइन यूपी के बायरैक बायोनेस्ट और स्टैंफोर्ड बायोडिजाइन के सिद्धांतों से प्रेरित है, जिसके जरिए प्रदेश में नई स्वास्थ्य तकनीकों और समाधान को विकसित करने के लिए स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित किया जाएगा। जिम्स के सीईओ डॉ. राहुल सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत चयनित स्टार्टअप्स को बिना किसी इक्विटी या रॉयल्टी के इंक्यूबेशन सपोर्ट प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि चयनित स्टार्टअप्स को सरकारी अस्पतालों में क्लीनिकल ट्रायल की सुविधा, अनुभवी डॉक्टरों से क्लीनिकल मार्गदर्शन, रेगुलेटरी सहायता और मार्केट एक्सेस के अवसर भी दिए जाएंगे। इसके साथ ही उन्हें अपने उत्पादों के परीक्षण और तैनाती के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा।

इस पहल के तहत पूरे उत्तर प्रदेश से कुल 10 स्टार्टअप्स का चयन किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क रखी गई है, जिससे अधिक से अधिक नवाचार करने वाले युवा इसमें भाग ले सकें। चयनित स्टार्टअप्स को एक वर्ष तक जिम्स परिसर में निशुल्क को-वर्किंग स्पेस और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

कार्यक्रम में केवल उन्हीं स्टार्टअप्स को शामिल किया जाएगा जो उत्तर प्रदेश में पंजीकृत हैं और मेडिकल डिवाइसेज, डायग्नोस्टिक्स, डिजिटल हेल्थ, बायोलॉजिक, ड्रग्स और वैक्सीन जैसे क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित हेल्थकेयर समाधान विकसित करने वाले स्टार्टअप्स को प्राथमिकता दी जाएगी।

जिम्स के निदेशक डॉ. ब्रिगेडियर राकेश गुप्ता ने इस पहल को ‘मेक इन इंडिया’ के तहत मेडिकल डिवाइसेज को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि जिम्स एक ऐसा इकोसिस्टम प्रदान करता है, जहां क्लीनिकल विशेषज्ञता, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार का संगम होता है।

उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल स्टार्टअप्स को ऐसे तकनीकी रूप से सक्षम और किफायती समाधान विकसित करने में मदद करेगी, जो आम जनता के लिए उपयोगी और सुलभ होंगे। इस कार्यक्रम से प्रदेश में हेल्थकेयर सेक्टर को नई दिशा मिलने की उम्मीद है और यह आने वाले समय में चिकित्सा क्षेत्र में बड़े बदलाव का आधार बन सकता है।

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