Yogi Adityanath Economy Plan: वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी को पंख देगा जेवर एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेसवे बना निवेश का नया हब

Yogi Adityanath Economy Plan: वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी को पंख देगा जेवर एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेसवे बना निवेश का नया हब
नोएडा। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के महत्वाकांक्षी ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ लक्ष्य को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) एक नई उड़ान देने जा रहा है। यह परियोजना न केवल राज्य की कनेक्टिविटी को मजबूत कर रही है, बल्कि निवेश, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व बदलाव का आधार बन रही है। यमुना एक्सप्रेसवे को अब देश का नया निवेश सुपरहाइवे माना जा रहा है, जहां तेजी से औद्योगिक और तकनीकी विकास हो रहा है।
जेवर एयरपोर्ट के शिलान्यास के बाद से ही यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में निवेश प्रस्तावों की बाढ़ आ गई है। देश-विदेश की बड़ी कंपनियां यहां अपने प्रोजेक्ट लगाने में रुचि दिखा रही हैं। इस पूरे क्षेत्र को एक आधुनिक औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, डेटा सेंटर, एमएसएमई पार्क और हाईटेक इंडस्ट्री क्लस्टर तेजी से आकार ले रहे हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला रखने के बाद इस क्षेत्र को टेक्नोलॉजी हब के रूप में और मजबूती मिली है।
इस विकास मॉडल के तहत भविष्य में ‘फिनटेक सिटी’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट भी प्रस्तावित हैं, जो इस क्षेत्र को डिजिटल और औद्योगिक क्रांति का केंद्र बना सकते हैं। सरकार का मानना है कि यह पूरा कॉरिडोर उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर एक मजबूत स्थान दिलाएगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद यह क्षेत्र एक मल्टी-मोडल कार्गो हब के रूप में भी विकसित होगा, जिससे उत्तर प्रदेश की ‘लैंडलॉक्ड’ स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा। अब राज्य के उत्पाद सीधे और तेजी से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच सकेंगे, जिससे निर्यात को बड़ी गति मिलेगी। अनुमान है कि इस परियोजना से लगभग 1 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और करीब 60,000 करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधियां उत्पन्न होंगी। इससे राज्य को लगभग 2000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर राजस्व मिलने की संभावना है।
दीर्घकालिक दृष्टि से यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 40 साल के कंसेशन पीरियड के दौरान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड को 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की आय होने का अनुमान है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह केवल एक एयरपोर्ट नहीं बल्कि एक समग्र विकास मॉडल है, जो उद्योग, निवेश, निर्यात और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।
सरकार का दावा है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को आर्थिक रूप से नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ के लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी।





