Noida MMLP Project: लॉजिस्टिक पार्क के लिए डेवलपर की तलाश शुरू, हजारों को मिलेगा रोजगार

Noida MMLP Project: लॉजिस्टिक पार्क के लिए डेवलपर की तलाश शुरू, हजारों को मिलेगा रोजगार
नोएडा। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क (एमएमएलपी) परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए प्राधिकरण ने विकासकर्ता कंपनी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए निविदा जारी कर दी गई है और इच्छुक कंपनियां अब आवेदन कर सकती हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को हाल ही में कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है, जिसके बाद अब इसे जमीन पर उतारने की तैयारी तेज कर दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार, आवेदन और प्रोसेसिंग फीस जमा करने की अंतिम तारीख 30 जून तय की गई है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही इस परियोजना को भी तेजी से शुरू करने की योजना है, ताकि क्षेत्र को एक बड़े लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित किया जा सके। यह परियोजना ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी गांव के पास सेक्टर कप्पा-2 में 174.12 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी, जहां प्राधिकरण द्वारा आंतरिक सड़कों का निर्माण कार्य पहले ही शुरू किया जा चुका है।
परियोजना को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए इसे चारों ओर से मुख्य सड़कों से जोड़ा जा रहा है, जिससे माल परिवहन में आसानी होगी। भूखंड का आवंटन अब ई-नीलामी के माध्यम से किया जाएगा, जबकि पहले इसे साक्षात्कार के जरिए करने की योजना थी। चयनित कंपनी को सात वर्षों के भीतर परियोजना पूरी करनी होगी, जिसमें पहले तीन वर्षों में कम से कम 40 प्रतिशत कार्य पूरा करना अनिवार्य होगा। विशेष परिस्थितियों में अधिकतम दो वर्षों का अतिरिक्त समय दिया जा सकता है।
इस परियोजना में 1000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आने की उम्मीद है, जिससे करीब 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रदेश सरकार की नीति के तहत इस तरह की परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए 30 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान भी किया गया है। साथ ही, न्यूनतम 1000 करोड़ रुपये निवेश वाली मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क परियोजनाओं को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
भूखंड का आरक्षित मूल्य 11 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित किया गया है। बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सेक्टर कप्पा-2 को 130 मीटर चौड़ी सड़क से जोड़ा जा रहा है, जिसका विस्तार यमुना सिटी तक किया जाएगा। इसके अलावा मिग्सन गोलचक्कर से मकौड़ा गोलचक्कर तक सड़क को छह लेन का किया जा रहा है, जिससे यातायात और सुगम होगा।
इस लॉजिस्टिक पार्क को रेलवे नेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) के दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से कनेक्टिविटी दी जाएगी, जिससे उद्योगों को माल ढुलाई में बड़ी सुविधा मिलेगी।
परियोजना में अत्याधुनिक वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज, कंटेनर टर्मिनल, मशीनीकृत कार्गो हैंडलिंग और कस्टम बॉन्डेड सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह पार्क सड़क, रेलवे और एयरपोर्ट तीनों माध्यमों से जुड़ा होगा, जिससे इसे एक पूर्ण मल्टीमॉडल हब बनाया जा सके।
ग्रेटर नोएडा के सीईओ रवि कुमार एनजी ने बताया कि डेवलपर कंपनी के चयन के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इस साल के भीतर काम शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पहले भी कई बड़ी कंपनियां इस परियोजना में रुचि दिखा चुकी हैं, जिससे इसके सफल क्रियान्वयन की संभावनाएं मजबूत हैं।





