LPG Gas Shortage: गैस की कमी के कारण प्रीत विहार गुरुद्वारे में लकड़ियों से बनाया गया लंगर

LPG Gas Shortage: गैस की कमी के कारण प्रीत विहार गुरुद्वारे में लकड़ियों से बनाया गया लंगर
रिपोर्ट: रवि डालमिया
पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार स्थित एक गुरुद्वारे में घरेलू गैस (LPG) की कमी के चलते लंगर सेवा के लिए पुराने तरीके का सहारा लेना पड़ा। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों ने बताया कि गैस सिलेंडर की सप्लाई न मिलने की वजह से उन्हें मजबूरी में लकड़ियां जलाकर चूल्हे पर लंगर तैयार करना पड़ा। इस घटना ने इलाके में गैस आपूर्ति व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
गुरुद्वारा कमेटी के अनुसार पिछले कई दिनों से गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर परेशानी बनी हुई है। कमेटी के सदस्यों ने बताया कि वे लगातार तीन से चार दिनों से गैस एजेंसी से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फोन तक नहीं लग पा रहा था। जब कमेटी के कुछ सदस्य खुद एजेंसी पहुंचे तो वहां मौजूद अधिकारियों ने साफ शब्दों में कह दिया कि फिलहाल उनके पास गैस सिलेंडर की सप्लाई उपलब्ध नहीं है।
कमेटी के लोगों ने बताया कि एजेंसी की ओर से उन्हें गैस सिलेंडर के लिए बुकिंग कराने की सलाह दी गई और यह भी बताया गया कि बुकिंग के बाद भी सिलेंडर मिलने में करीब 15 से 20 दिन का समय लग सकता है। ऐसे में गुरुद्वारे में रोजाना आने वाले श्रद्धालुओं के लिए लंगर सेवा जारी रखना एक बड़ी चुनौती बन गया था।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का कहना है कि लंगर सेवा सिख धर्म की एक महत्वपूर्ण परंपरा है, जिसमें हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और जरूरतमंद लोग भोजन ग्रहण करते हैं। इस सेवा को किसी भी हाल में बंद नहीं किया जा सकता। इसी वजह से कमेटी के सदस्यों ने पुराने समय की तरह लकड़ी के चूल्हे तैयार किए और उन्हीं पर लंगर का भोजन बनाकर श्रद्धालुओं को परोसा।
कमेटी के सदस्यों का कहना है कि मौजूदा हालात देखकर ऐसा महसूस हो रहा है जैसे हम करीब 30 से 35 साल पीछे चले गए हों, जब गैस सिलेंडर इतनी आसानी से उपलब्ध नहीं होते थे और लोग लकड़ी या कोयले के चूल्हों पर ही खाना बनाते थे। उनका कहना है कि सरकार की ओर से लगातार यह दावा किया जाता है कि देश में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात कुछ और ही नजर आ रहे हैं।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चर्चा शुरू हो गई है कि अगर गुरुद्वारे जैसे संस्थानों को भी गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं तो आम लोगों को कितनी परेशानी का सामना करना पड़ रहा होगा। कई लोगों ने प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि इस तरह की समस्याएं भविष्य में न हों।
फिलहाल गुरुद्वारे में लकड़ी के चूल्हों पर ही लंगर सेवा जारी रखी जा रही है, लेकिन कमेटी के सदस्यों को उम्मीद है कि जल्द ही गैस की सप्लाई सामान्य होगी और उन्हें फिर से गैस सिलेंडर के जरिए ही लंगर तैयार करने की सुविधा मिल सकेगी।
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