Noida Job Fraud: समुद्री जहाज पर नौकरी दिलाने के नाम पर सवा करोड़ की ठगी, छह आरोपी गिरफ्तार

Noida Job Fraud: समुद्री जहाज पर नौकरी दिलाने के नाम पर सवा करोड़ की ठगी, छह आरोपी गिरफ्तार
Noida के Sector 113 Noida थाना क्षेत्र की पुलिस ने समुद्री जहाज पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सेक्टर-73 स्थित एक व्यावसायिक भवन से चार युवतियों समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पिछले चार महीनों में करीब 350 से अधिक लोगों से लगभग सवा करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम को Sector 73 Noida स्थित महादेव अपार्टमेंट के पास दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों आरोपी पास ही स्थित Anthurium Business Park में घुस गए। संदेह होने पर पुलिस ने उनका पीछा किया और बिल्डिंग की आठवीं मंजिल पर “मैसर्स रिक्रूट सर्विस” नाम से चल रहे एक फर्जी कार्यालय का खुलासा किया। वहां से चार युवतियों सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर स्थित इंद्रानगर निवासी सरीम खान, गाजियाबाद के मोदीनगर क्षेत्र के शकूरपुर गांव निवासी शोएब खान, नोएडा सेक्टर-66 के मामूरा गांव निवासी रितिका, छिजारसी गांव निवासी खुशी उर्फ खुशबू, मेरठ के नौचंदी निवासी मंतशा अब्बासी और दिल्ली के शाहीन बाग निवासी फातिमा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार सरीम और शोएब वर्तमान में मामूरा गांव में किराये पर रह रहे थे।
पूछताछ में सामने आया कि बीकॉम पास सरीम खान इस पूरे गिरोह का सरगना है। उसने करीब 50 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर कार्यालय लेकर वहां एक कॉल सेंटर शुरू किया था। आरोपी सोशल मीडिया पर “We Are Hiring” के नाम से विज्ञापन देकर लोगों को समुद्री जहाज पर नौकरी दिलाने का लालच देते थे। जब कोई व्यक्ति संपर्क करता था तो एमबीए पास मंतशा अब्बासी और बीबीए पास खुशी उससे बातचीत कर नौकरी की प्रक्रिया समझाती थीं। इसके बाद शोएब, रितिका और फातिमा रजिस्ट्रेशन और फीस जमा कराने की प्रक्रिया संभालते थे।
गिरोह के सदस्य पीड़ितों से 20 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की रकम बंधन बैंक और IDFC First Bank के खातों में ट्रांसफर कराते थे। पैसे लेने के बाद कुछ दिन तक नौकरी की प्रक्रिया का बहाना बनाकर पीड़ितों को टालते रहते थे। बाद में उनके मोबाइल नंबर ब्लॉक कर देते और इस्तेमाल की जा रही सिम कार्ड भी तोड़कर फेंक देते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच मॉनिटर, पांच सीपीयू, पांच कीबोर्ड, चार माउस, एक लैपटॉप, एक राउटर, दो चेकबुक, दो सिम कार्ड, एक एटीएम कार्ड, सात मोबाइल फोन, 20 डायरी, एक बड़ा रजिस्टर और कई दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस अब बरामद कंप्यूटर और मोबाइल फोन की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ठगी के शिकार लोग किन-किन राज्यों से हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर होने वाली ठगी से बचने के लिए लोगों को केवल भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत एजेंसियों के जरिए ही आवेदन करना चाहिए। किसी भी एजेंट को पैसे देने से पहले उसकी वैधता की जांच करना जरूरी है। साथ ही विदेश में नौकरी के लिए केवल वैध कार्य वीजा पर ही यात्रा करनी चाहिए।
पुलिस के अनुसार नोएडा में इससे पहले भी विदेश या समुद्री जहाज पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के कई मामले सामने आ चुके हैं। ठग अक्सर कुछ समय के लिए कार्यालय खोलते हैं, बेरोजगार युवाओं को नौकरी का लालच देकर उनसे पैसे वसूलते हैं और फिर कार्यालय बंद कर फरार हो जाते हैं। इस मामले में भी पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
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