भारत

Himachal Governor Oath: कविन्द्र गुप्ता ने हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल पद की शपथ ली

Himachal Governor Oath: कविन्द्र गुप्ता ने हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल पद की शपथ ली

कविन्द्र गुप्ता ने मंगलवार को शिमला स्थित लोक भवन में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया ने उन्हें शपथ दिलाई। कविन्द्र गुप्ता ने हिंदी भाषा में शपथ ग्रहण की और इसके साथ ही उन्होंने राज्यपाल के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली।

शपथ ग्रहण समारोह में कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में प्रो. असीम कुमार घोष अपनी धर्मपत्नी मित्रा घोष के साथ मौजूद थे। इसके अलावा सुखविंदर सिंह सुक्खू, लेडी गवर्नर बिन्दु गुप्ता सहित राज्य सरकार और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत गरिमामय वातावरण में किया गया, जिसमें राज्य के राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।

समारोह की शुरुआत पहली बार लोक भवन में वंदे मातरम् के गायन से की गई, जिसके बाद राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया। शपथ ग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक बार फिर वंदे मातरम् गाया गया। इस अवसर पर राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता को औपचारिक रूप से गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया, जो इस महत्वपूर्ण संवैधानिक पद की गरिमा को दर्शाता है।

इससे पहले राज्य के मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने भारत के राष्ट्रपति द्वारा जारी वारंट ऑफ अपॉइंटमेंट को पढ़कर सुनाया। इसके बाद राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा ने राज्यपाल से कार्यभार ग्रहण प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर करवाए और औपचारिक रूप से उन्हें पदभार सौंपा गया।

समारोह में मुकेश अग्निहोत्री, कुलदीप सिंह पठानिया, जय राम ठाकुर, स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा समेत कई मंत्री, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न आयोगों व बोर्डों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इसके अलावा पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, विश्वविद्यालयों के कुलपति और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

शपथ ग्रहण समारोह से पहले सुबह कविन्द्र गुप्ता ने अपने परिजनों के साथ पूजा-अर्चना भी की। शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए इस संवैधानिक पद पर नियुक्त करने के लिए द्रौपदी मुर्मू के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का पद एक महत्वपूर्ण संवैधानिक जिम्मेदारी है और इस पद पर रहते हुए वे पूरी निष्पक्षता और संविधान के अनुसार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल किसी राजनीतिक दल से संबंधित नहीं होता, बल्कि उसका दायित्व राज्य और समाज के समग्र विकास के लिए कार्य करना होता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए काम करेंगे।

कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि वे पूर्व राज्यपालों द्वारा शुरू किए गए नवाचारों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री और राज्य सरकार का सहयोग लेंगे। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और वे राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान देंगे।

अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि लद्दाख के उप-राज्यपाल के रूप में कार्य करते समय उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों की चुनौतियों को करीब से समझा है। उन्होंने बताया कि लद्दाख में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सात महीनों में 10 हजार किलोमीटर से अधिक की यात्राएं की थीं, जिससे उन्हें दुर्गम क्षेत्रों की समस्याओं और जरूरतों की गहरी समझ मिली।

राज्यपाल ने अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बताते हुए कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने, हरित क्षेत्र के विस्तार, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पर्यटन को मजबूत करने के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने विशेष रूप से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और भारतीय मूल्यों को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही जनजातीय क्षेत्रों के विकास, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, युवा कल्याण और नशा मुक्ति अभियान को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा और खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों को भी इससे जोड़ा जा सकता है।

इसके साथ ही उन्होंने चीन से लगते सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर भी जोर दिया और कहा कि इन क्षेत्रों में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम जैसी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा। उन्होंने राज्य में क्षय रोग यानी ट्यूबरकुलोसिस उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए भी विशेष प्रयास करने की बात कही।

राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार, सत्तापक्ष और विपक्ष के साथ-साथ सामाजिक और स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से सामूहिक प्रयासों के जरिए हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे पहाड़ी राज्य को समावेशी और सतत विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

Related Articles

Back to top button