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AIIMS Delhi Vision Screening: एम्स ने एमसीडी स्कूलों के शिक्षकों को दी विजन स्क्रीनिंग की ट्रेनिंग, बच्चों में दृष्टि दोष की होगी समय पर पहचान

AIIMS Delhi Vision Screening: एम्स ने एमसीडी स्कूलों के शिक्षकों को दी विजन स्क्रीनिंग की ट्रेनिंग, बच्चों में दृष्टि दोष की होगी समय पर पहचान

नई दिल्ली, 23 फरवरी। स्कूली बच्चों में बढ़ती दृष्टि संबंधी समस्याओं को देखते हुए एम्स दिल्ली ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। All India Institute of Medical Sciences Delhi के डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र के कम्युनिटी ऑप्थेल्मोलॉजी विभाग ने सोमवार को दिल्ली नगर निगम के शिक्षा विभाग के सहयोग से शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पश्चिमी दिल्ली और केशवपुरम जोन के 20 एमसीडी स्कूलों के 30 शिक्षकों को विजन स्क्रीनिंग और विजुअल एक्यूटी जांच की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों में रिफ्रैक्टिव एरर यानी दृष्टि दोष की शुरुआती अवस्था में पहचान सुनिश्चित करना है, ताकि समय रहते इलाज संभव हो सके।

आरपी सेंटर के सामुदायिक नेत्र चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर प्रवीण वशिष्ठ ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सभी शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में बच्चों की प्रारंभिक दृष्टि जांच करेंगे। जिन बच्चों की दृष्टि सामान्य नहीं पाई जाएगी, उनकी सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद विशेषज्ञ टीम स्कूलों में जाकर उन बच्चों की विस्तृत जांच और रिफ्रैक्शन टेस्ट करेगी।

जिन छात्रों को चश्मे की आवश्यकता होगी, उन्हें उनकी दृष्टि के अनुसार मुफ्त चश्मे उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य केवल दृष्टि जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, एकाग्रता और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाना भी है। अक्सर दृष्टि दोष के कारण बच्चे पढ़ाई में पिछड़ जाते हैं, लेकिन समय पर पहचान और उपचार से इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।

यह कार्यक्रम Society for All-Round Development और Sungrow के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्कूल स्तर पर नियमित विजन स्क्रीनिंग की व्यवस्था हो जाए तो बच्चों में आंखों की बीमारियों को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित किया जा सकता है।

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