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Cyber Fraud News: सिम अपग्रेड के बहाने महिला इंजीनियर से 24.86 लाख रुपये की साइबर ठगी

Cyber Fraud News: सिम अपग्रेड के बहाने महिला इंजीनियर से 24.86 लाख रुपये की साइबर ठगी

Noida। साइबर जालसाजों ने 4जी सिम को 5जी में अपग्रेड करने का झांसा देकर एक महिला आईटी इंजीनियर से 24.86 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोप है कि ठगों ने महिला की जानकारी के बिना ई-सिम के लिए आवेदन कर मोबाइल नंबर अपने नियंत्रण में ले लिया। इसके बाद बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से लाखों रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। पीड़िता के पति की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

सेक्टर-82 निवासी इंद्रनील चटर्जी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह और उनकी पत्नी अनिंदिता चटर्जी एक आईटी कंपनी में इंजीनियर हैं। चार फरवरी को उनकी पत्नी के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकॉम कंपनी Bharti Airtel का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनका 4जी सिम 5जी में अपग्रेड किया जा रहा है। इसके लिए सहमति मांगी गई, जिसे महिला ने सामान्य प्रक्रिया समझकर स्वीकार कर लिया।

शिकायत के अनुसार, ठग ने बिना किसी ओटीपी साझा कराए और बिना कोई लिंक भेजे महिला के नाम से ई-सिम जारी कराने का अनुरोध डाल दिया। कुछ ही देर में उनका मोबाइल नेटवर्क बंद हो गया। इसके बाद जालसाजों ने दोबारा कॉल कर बताया कि 5जी अपग्रेड प्रक्रिया के तहत ई-सिम अनिवार्य है और 24 घंटे तक मोबाइल बंद रहेगा। इस दौरान ठग अलग-अलग नंबरों से कॉल कर तकनीकी समस्या का बहाना बनाते रहे, जिससे पीड़िता को संदेह न हो।

चार दिन तक मोबाइल चालू न होने पर आठ फरवरी को पीड़िता नजदीकी एयरटेल स्टोर पहुंचीं, जहां नई 4जी सिम जारी कराई गई। जब उन्होंने अपना बैंक खाता और क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट चेक किया तो पता चला कि उनके खातों से कुल 24.86 लाख रुपये निकाल लिए गए हैं। ठगों ने Axis Bank और ICICI Bank के खातों के साथ-साथ एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड से भी रकम ट्रांसफर की।

जांच में सामने आया कि कुछ रकम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे Amazon, Freecharge और PhonePe के माध्यम से भी ट्रांसफर की गई। घटना का पता चलते ही पीड़िता ने संबंधित बैंकों के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर भी ऑनलाइन शिकायत दी।

एडीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि मामले में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और ट्रांजैक्शन डिटेल्स के आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सिम अपग्रेड या केवाईसी अपडेट जैसे किसी भी कॉल पर तुरंत भरोसा न करें, ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और मोबाइल नेटवर्क अचानक बंद होने पर तुरंत सेवा प्रदाता और बैंक से संपर्क करें।

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि साइबर ठग नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। विशेष रूप से ई-सिम से जुड़ी प्रक्रियाओं में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, क्योंकि मोबाइल नंबर पर नियंत्रण मिलते ही बैंकिंग और डिजिटल भुगतान सेवाएं भी खतरे में पड़ सकती हैं।

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