Income Tax Refund: 24 घंटों में तेज़ी से जारी हुए हाई-वैल्यू रिफंड, लाखों करदाताओं को राहत

Income Tax Refund: 24 घंटों में तेज़ी से जारी हुए हाई-वैल्यू रिफंड, लाखों करदाताओं को राहत

आयकर रिफंड को लेकर लंबे समय से इंतजार कर रहे करदाताओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मनीकंट्रोल डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में आयकर रिफंड के भुगतान में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है, खासकर उच्च मूल्य वाले मामलों में। सोशल मीडिया पर लगातार बढ़ती शिकायतों और हफ्तों की देरी के बाद अब बड़ी संख्या में करदाताओं के खातों में रिफंड राशि जमा होनी शुरू हो गई है।

एसबीएचएस एंड कंपनी के संस्थापक पार्टनर हिमांक सिंगला ने बताया कि पिछले एक दिन में रिफंड जारी करने की प्रक्रिया में काफी तेजी आई है। उनके पेशेवर अनुभव के अनुसार, कई ग्राहकों को 15 लाख से 17 लाख रुपये तक के पर्याप्त रिफंड प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि कल रात और आज सुबह बड़ी संख्या में करदाताओं के खातों में रकम क्रेडिट हुई है, जिससे उन्हें काफी राहत मिली है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब लंबित आयकर रिटर्न की संख्या काफी अधिक बनी हुई है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने हाल ही में जानकारी दी थी कि 4 फरवरी तक करीब 8.8 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 24.64 लाख रिटर्न तीन महीने से अधिक समय से लंबित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि कई उच्च राशि वाले रिफंड अब जारी कर दिए गए हैं, लेकिन कुछ बड़े मामलों का निपटारा आने वाले प्रसंस्करण चक्रों में किया जाएगा।

सिंगला ने करदाताओं को सलाह दी है कि वे घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें। उन्होंने बताया कि केंद्रीय प्रसंस्करण केंद्र (CPC) की निर्धारित समय-सीमा के अनुसार रिफंड किश्तों में जारी किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने करदाताओं से अपील की कि वे अपने बैंक खातों का पूर्व-सत्यापन अवश्य करवा लें और उन्हें पैन से सही तरीके से लिंक रखें, ताकि आगे किसी प्रकार की देरी न हो।

नई दिल्ली की चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रतिभा गोयल ने भी बताया कि उनके कई ग्राहकों, जिनमें कॉरपोरेट्स भी शामिल हैं, को हाल ही में अच्छी-खासी रकम का रिफंड मिला है। उन्होंने इसे वित्तीय वर्ष की सकारात्मक शुरुआत करार दिया और उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में और अधिक लंबित मामलों का निपटारा होगा।

इसी बीच आयकर विभाग ने नए आयकर अधिनियम, 2025 के लिए नियमों का मसौदा जारी किया है और इस पर 22 फरवरी तक जनता से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। विभाग ने 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाले आयकर नियम, 2026 का ड्राफ्ट भी हितधारकों के परामर्श के लिए जारी किया है, जिसका उद्देश्य अनुपालन को सरल बनाना और कर प्रशासन को आधुनिक बनाना है। नए मसौदा नियमों के बाद पुरानी कर व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

कानूनी प्रावधानों के अनुसार, आयकर अधिनियम की धारा 143(1) के तहत रिटर्न की सूचना उस वित्तीय वर्ष की समाप्ति से नौ महीने के भीतर जारी की जानी चाहिए, जिसमें रिटर्न दाखिल किया गया हो। उदाहरण के तौर पर, वित्तीय वर्ष 2025-26 में दाखिल रिटर्न, जो 31 मार्च 2026 को समाप्त होगा, उन्हें 30 सितंबर 2026 तक प्रोसेस किया जा सकता है।

तेजी से जारी हो रहे रिफंड ने लाखों करदाताओं को राहत दी है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि जिन मामलों में अभी भी देरी हो रही है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द निपटाए जाएंगे।

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